अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, संचालक डॉक्टर गिरफ्तार

सोनोग्राफी सेंटर का भंडाफोड़

Update: 2025-11-01 19:05 GMT
Jabalpur जबलपुर: स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग परीक्षण के अवैध नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। लम्हेटाघाट स्थित एमएम एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर पर छापा मारकर संचालक डॉ. हेमलेश चंद्र दुबे को हिरासत में लिया गया। यह सेंटर बिना लाइसेंस और अयोग्य स्टाफ के जरिए गैरकानूनी रूप से लिंग परीक्षण कर रहा था। मौके पर भारी अनियमितताएं पाई गईं — न रजिस्ट्रेशन, न योग्य रेडियोलॉजिस्ट, न ही किसी तरह का रिकॉर्ड मेंटेनेंस।  स्थानीय लोगों ने इस सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण के संदेह को लेकर वीडियो सबूतों के साथ जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार को सेंटर पर दबिश दी, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।  
जांच में पता चला कि एमएम एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर बिना पीसीपीएनडीटी एक्ट (PCPNDT Act) के तहत लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। यहां कोई योग्य रेडियोलॉजिस्ट या तकनीकी स्टाफ मौजूद नहीं था। सेंटर में फॉर्म-F नहीं भरे जा रहे थे, मरीजों की रसीदें गायब थीं और रिपोर्टें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा रही थीं। जांच में यह भी पाया गया कि नॉन-मेडिकल कर्मचारी ही एक्स-रे और सोनोग्राफी का काम कर रहे थे। इसके बदले गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम वसूली जाती थी।  
स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ कि डॉ. हेमलेश दुबे सिर्फ जबलपुर में ही नहीं, बल्कि मंडला, डिंडोरी और आसपास के जिलों में भी भ्रूण लिंग परीक्षण का अवैध कारोबार चला रहा था। वह मशीन लेकर खुद विभिन्न स्थानों पर जाता था और झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक में परीक्षण करवाता था। कई महिलाएं बाहरी जिलों से इस सेंटर में जांच करवाने आती थीं। कुछ मामलों में गर्भपात करवाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि जहां यह सेंटर चलाया जा रहा था, वह आवासीय भूमि है। बिना अनुमति के वहां व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इस संबंध में राजस्व विभाग को भी रिपोर्ट भेजी गई है ताकि भूमि उपयोग और निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की जा सके।  
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। मौके से सभी मशीनें, रजिस्टर, रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने डॉक्टर हेमलेश दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उनके खिलाफ PCPNDT अधिनियम 1994 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और सेंटर का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है इस कार्रवाई में डॉ. पुष्पराज भटेले (रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. विनीता उप्पल (जिला स्वास्थ्य अधिकारी), डॉ. आदर्श विश्नोई (नोडल अधिकारी) और पटवारी प्रवीण सिंह शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे सामाजिक अपराध पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई है। स्वास्थ्य विभाग अब पूरे जिले के सोनोग्राफी और एक्स-रे सेंटरों की जांच कराने जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. मिश्रा ने कहा कि “ऐसे अवैध केंद्र समाज के लिए खतरा हैं। भ्रूण लिंग परीक्षण एक दंडनीय अपराध है और इस पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।”
Tags:    

Similar News