अवैध कोयला खनन बना मौत का कारण, 3 की मौत रेस्क्यू जारी
अवैध खनन और माफिया नेटवर्क पर नई बहस छिड़ी
Bangal बंगाल: पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ीरा इलाके में स्थित बीसीसीएल की ओपन कास्ट कोयला खदान में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। अवैध खनन के दौरान खदान के भीतर बनी सुरंग अचानक धंस गई, जिससे खदान में काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन को आशंका है कि एक से दो लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हादसे के वक्त खदान के अंदर कम से कम 5 से 6 मजदूर मौजूद थे। सुरंग धंसते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए पोकलेन मशीनों से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर तनाव
हादसे की खबर फैलते ही खदान के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतकों और लापता मजदूरों के परिजन मौके पर मौजूद हैं। परिजनों का आरोप है कि कोयला माफिया से जुड़े लोग उन्हें घटनास्थल से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। बावजूद इसके, परिजन अपनों की एक झलक पाने की उम्मीद में डटे हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और सीआईएसएफ की तैनाती की गई है।
मृतकों और घायलों की पहचान
इस हादसे में मरने वालों में गीता बाउरी (महिला), सुरेश बाउरी और टिपु बाउरी शामिल हैं। वहीं, घायल मजदूरों के नाम सुभाष मल्लिक और गोविंद बाउरी बताए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मलबा हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अंदर कोई और फंसा है या नहीं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ीरा की यह ओपन कास्ट खदान पहले भी कई बार धंस चुकी है, जिसमें लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि रोजाना 3 से 4 ट्रक अवैध कोयला यहां से निकालकर आसपास की भट्टियों में भेजा जाता है। हादसे ने एक बार फिर खदानों की सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और कोयला माफिया के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सियासी बयानबाजी तेज
बीजेपी विधायक अजय पोद्दार ने घटना को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह रैट-होल माइनिंग का मामला है, जिसमें ग्रामीण फंस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मासूम ग्रामीण मारे जा रहे हैं और फायदा सिंडिकेट, माफिया और सिस्टम को हो रहा है। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। वहीं, टीएमसी के पूर्व कुल्टी ब्लॉक यूथ अध्यक्ष शुभाशीष मुखर्जी ने कहा कि यह एक परित्यक्त बीसीसीएल खदान है, जहां बैरिकेडिंग के बावजूद कुछ लोग 300–400 फीट नीचे उतरकर बेहद जोखिम भरे तरीके से कोयला निकाल रहे थे। पूर्व वार्ड काउंसलर अशोक कुमार पासवान ने बताया कि शुरुआत में दो लोगों को होश में बाहर निकाला गया था।
फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है