Bengaluru. बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी विकास मरमत और उनके तीन दोस्तों के खिलाफ पुलिसकर्मियों से कथित बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला शहर के अशोक नगर इलाके में रेजिडेंसी रोड स्थित कैवोर बार एंड रेस्टोरेंट का है। आरोप है कि देर रात पुलिस की छापेमारी के दौरान पहचान पत्र दिखाने के लिए कहने पर आईएएस अधिकारी भड़क गए और पुलिसकर्मियों के साथ बहस करने लगे। एफआईआर में एक पुलिस इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना का एक कथित वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें आईएएस अधिकारी और उनके साथी पुलिसकर्मियों से बहस करते तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने अधिकारी और उनके तीन साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
देर रात पब में छापेमारी के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे बेंगलुरु पुलिस की टीम अशोक नगर स्थित कैवोर बार एंड रेस्टोरेंट में जांच करने पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों से पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा। इसी दौरान आईएएस विकास मरमत और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि पहचान पत्र मांगने पर अधिकारी ने आपत्ति जताई और पुलिसकर्मियों से बहस करने लगे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज की। शिकायत में दावा किया गया है कि अधिकारी ने हिंदी में अपशब्द कहे और पुलिसकर्मियों को धमकाया।
पुलिस इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप
इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आईएएस विकास मरमत ने कथित तौर पर एक पुलिस इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारा और उन्हें धमकी भी दी। आरोप है कि विवाद के दौरान उन्होंने अपने आईएएस अधिकारी होने का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। पुलिस ने इस घटना को लेकर विकास मरमत के अलावा उनके तीन दोस्तों को भी मामले में नामजद किया है। इनकी पहचान अभय उदय सिंह, नितेश और रोशन के रूप में बताई गई है। सभी के खिलाफ बेंगलुरु के कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल ये सभी आरोप पुलिस की शिकायत और एफआईआर पर आधारित हैं।
आंध्र प्रदेश में तैनात हैं IAS विकास मरमत
मामले में आरोपी बनाए गए विकास मरमत आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह आंध्र प्रदेश के कुप्पम में कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में स्पेशल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। बेंगलुरु में उनकी मौजूदगी के दौरान यह विवाद सामने आया। पहचान पत्र दिखाने को लेकर शुरू हुई बहस अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गई है।
400 से 500 पब और बार में हुई थी छापेमारी
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने शनिवार को शहर में चलाए गए विशेष जांच अभियान की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने देर रात शहर के विभिन्न पब और बार में व्यापक स्तर पर जांच की। इस अभियान में करीब 1,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस टीमों ने शहर के लगभग 400 से 500 पब और बार में छापेमारी तथा जांच की। अभियान का उद्देश्य पब और बार के संचालन से जुड़े निर्धारित समय के नियमों का पालन सुनिश्चित करना, नाबालिगों को शराब परोसे जाने की आशंका की जांच करना और अन्य कथित अनियमितताओं का पता लगाना था। इसी अभियान के दौरान रेजिडेंसी रोड स्थित कैवोर बार एंड रेस्टोरेंट में पुलिस और आईएएस अधिकारी के बीच विवाद हुआ।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, मामला चर्चा में
मंगलवार को घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में पुलिस अधिकारियों और आईएएस अधिकारी के बीच तीखी बहस होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईएएस अधिकारी और उनके तीन साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, आरोपों पर अधिकारी का पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल पुलिस इंस्पेक्टर से मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया है।