शहडोल। मध्यप्रदेश में साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होना है। इस बीच शहडोल संभाग के कमिश्नर राजीव शर्मा के द्वारा वीआरएस के रूप इस्तीफे की पेशकश की गई है। उनके इस कदम के कई मायने निकाले जा रहे है। तो वहीं चुनाव के पहले उनके वीआरएस इस्तीफे को रजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाया जा रहा है कि वो चुनाव लड़ सकते है। हालांकि चुनाव लड़ने की बात को कमिश्नर ने सिरे खारिज करते हुए अपने जन्मभूमि में सामाजिक क्षेत्र में काम करने की बात कही। बातों ही बातों में उन्होने ये भी कहा कि यदि मेरे क्षेत्र का विकास राजनीति किये बिना नही हो सकता, तो फिर उस चुनौती से भी पीछे नही हटूंगा।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए यह भी कहा कि अभी तक किसी पार्टी ने उन्हें हल्दी चावल नही दिया है। 2003 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति वीआरएस की मांग की है। सामान्य प्रशासन विभाग इसे इसी सप्ताह मंजूरी देने वाला है। कमिश्नर राजीव शर्मा दो साल बाद 2025 में रिटायर होने वाले थे। लेकिन उसके पहले ही इन्होंने वीआरएस मांग ली है। उनका कहना है कि रिटायर होने के बाद वो अपने जन्मभूमि भिंड में सामाजिक क्षेत्र में काम करेंगे। कृषि का दशा को ठीक करने के लिए वो अपने क्षेत्र में अन्ना हजारे व नाना जी देशमुख जी की तरह काम करेंगे साथ ही बातों ही बातों में उन्होने ये भी कहा कि यदि मेरे क्षेत्र का विकास बिना राजनीति किये बिना नही हो सकता तो फिर उस चुनौती से भी पीछे नहीं हटूंगा।
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