'मुझे किसी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए,' कंगना के बाद बाबा रामदेव ने बृजभूषण पर साधा निशाना
नई दिल्ली: भाजपा सांसद कंगना रनौत के बाद अब योग गुरु बाबा रामदेव ने कैसरगंज के पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह पर निशाना साधा। रामदेव ने बृजभूषण शरण सिंह को औछी और घटिया सोच वाला व्यक्ति बताया है। रामदेव की यह प्रतिक्रिया भाजपा नेता के उस बयान के बाद आई है, जिसमें बृजभूषण ने योग गुरु की विश्वसनियता और पतंजलि के उत्पादों पर सवाल उठाए थे।
दरअसल, हरियाणा के करनाल में मीडिया से बातचीत कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियों की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने एक राष्ट्र, एक चुनाव, शैक्षिक सुधारों और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरोध विधियों की वकालत भी की। बाबा रामदेव से जब यह पूछा गया कि बृजभूषण शरण सिंह आपके खिलाफ बोल रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि ओछी और घटिया सोच वाले व्यक्ति के बारे में उनको कुछ नहीं कहना है। उन्होंने कहा, "स्वामी रामदेव क्या, स्वामी रामदेव का योगदान क्या है, स्वामी रामदेव ने योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के लिए क्या किया है, पतंजलि के उत्पाद कैसे... दुनिया की वर्ल्ड क्लास लैब में उत्पादों पर एक भी प्रश्न चिन्ह नहीं है। बाकी घटिया सोच वाले लोगों के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना।"
दरअसल, बृजभूषण ने कहा था कि बाबा रामदेव की बात पर कोई विश्वास नहीं करता। उनकी बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता। अगर उन्हें आंदोलन करना है तो मैदान में आएं, देखते हैं कि उनके आंदोलन की क्षमता क्या है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि स्वामी रामदेव पतंजलि के नाम पर अरबों-खरबों रुपए का व्यापार करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पतंजलि के उत्पादों पर भी सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा में बदलाव तीन कामों से आएगा। 'वन नेशन, वन एजुकेशन', 'वन नेशन, वन इलेक्शन', क्योंकि देश में गुरुजनों का ज्यादातर समय तो चुनाव कराने में लग जाता है। इसके साथ ही शिक्षा में भारतीय संस्कृति का समावेश हो।
उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन अंग्रेजी छोड़ गए। शिक्षा और चिकित्सा में अंग्रेजी का जो बोलबाला है, वो खत्म होना चाहिए, और शिक्षा में इंडियन नॉलेज सिस्टम का सामवेश होना चाहिए। यूजीसी और आरक्षण आंदोलन पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग सड़कों से लेकर संसद तक हंगामा करके देश की सत्ता हथियाना चाहते हैं। देश लोकतंत्र से चलेगा, अगर किसी को प्रधानमंत्री बनना है तो जनता की वोट से चुनकर बनें। वंदे मातरम विवाद पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने न संस्कृत और न ही संस्कृति का बोध है। हमारे लिए भारत माता सर्वोच्च है। जिन लोगों को संस्कृत और संस्कृति का बोध नहीं उनको भारत के बारे में थोड़ा ज्ञान अर्जित करना चाहिए।
इससे पहले बाबा रामदेव ने जेन-जी को लेकर कंगना रनौत के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान की आलोचना की थी। बाबा रामदेव ने जेन-जी को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनकी क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उन्होंने कहा कि मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है।