Nohradhar. नौहराधार। नौहराधार क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों और बागबानों को भारी नुकसान पहुंचाया। दिनभर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम करीब सात बजे आसमान में घने काले बादल छा गए। इसके बाद तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिसने कुछ ही मिनटों में किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि क्षेत्र में बागबानी और कृषि फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक प्रभावित सेब, खुमानी और प्लम के बाग हुए हैं। कई बागों में पेड़ों पर लगे कच्चे और तैयार हो रहे फल ओलों की मार से टूटकर जमीन पर गिर गए। इससे बागबानों को भारी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
साथ ही फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है, जिससे बाजार मूल्य पर असर पड़ सकता है। स्थानीय बागबानों का कहना है कि फलों का सीजन अपने महत्वपूर्ण दौर में था, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे भविष्य के उत्पादन पर भी असर पडऩे की आशंका है। फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं मूली, प्याज और धनिया सहित कई सब्जी फसलें भी ओलों और तेज बारिश से प्रभावित हुई हैं। मौसम का खराब दौर शनिवार सुबह तक जारी रहा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।