Shimla. शिमला। आईजीएमसी में हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत लंबित भुगतान अब 113 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन मरीजों का इलाज और पूरी व्यवस्था को किसी तरह संभाले हुए है। आईजीएमसी में हिमकेयर की पेंडेंसी बढक़र 73 करोड़ रुपए हो चुकी है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 40 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है। योजनाओं के मुकाबले अस्पताल को मिल रही राशि बेहद कम है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस हफ्ते आईजीएमसी को हिमकेयर स्कीम को पैसा रिलीज किया जाएगा। पैसे मिलने के बाद वेंडर को भुगतान कर दिया जाएगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक हिमकेयर योजना के तहत अस्पताल को करीब 24 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है। वहीं आयुष्मान भारत योजना में पूरे वित्तीय वर्ष में केवल सात करोड़ रुपए ही जारी किए हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की संख्या और इलाज के बढ़ते खर्च के मुकाबले यह राशि कम है। इस साल फरवरी और मार्च के दौरान हिमकेयर योजना में आठ करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि आयुष्मान योजना में आखिरी भुगतान मार्च महीने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का हुआ। इसके बाद से अस्पताल को कोई बड़ी राशि प्राप्त नहीं हुई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस हफ्ते सरकार से हिमकेयर योजना के भुगतान की उम्मीद है।