Patna पटना: शिक्षक और कोचिंग क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ शिक्षाविद् गुरु रहमान ने खान सर से जुड़े विवाद और कोचिंग जगत में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अपने पूरे करियर में पहली बार उन्होंने ऐसी स्थिति देखी है, जब दो शिक्षकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दे रही है।
मीडिया से बातचीत में गुरु रहमान ने कहा कि उन्होंने कोचिंग संचालन के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया है और इस दौरान कई लोगों को समय के साथ अपना क्षेत्र बदलते हुए देखा है। लेकिन पटना में मौजूदा हालात अलग हैं, जहां शिक्षकों के बीच प्रतिस्पर्धा ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनसे मुलाकात के दौरान इस विषय का जिक्र करते हैं। रहमान के अनुसार, इस तरह की परिस्थितियां शिक्षा जगत की छवि को प्रभावित करती हैं और इससे शिक्षकों की भूमिका को लेकर गलत संदेश जाता है।
गुरु रहमान ने कहा कि उन्हें हमेशा इस बात पर गर्व रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने उन्हें ‘गुरु’ कहकर संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षक का स्थान समाज में सम्मान और मार्गदर्शन देने वाले व्यक्ति का होता है, लेकिन वर्तमान विवादों में जिस तरह ‘गुरु’ की अवधारणा को पेश किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को बेहतर भविष्य देना है और शिक्षकों को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए। रहमान ने उम्मीद जताई कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोग आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता देंगे।