नादौन। नादौन से गुजर रहे शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि जहां एक ओर सडक़ और अन्य ढांचों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर पहले से बने निर्माण कार्य समय से पहले ही जर्जर होने लगे हैं। इसे देखकर लोगों का कहना है कि स्थिति ‘आगे दौड़ और पीछे चौड़’ जैसी बन गई है। गांव गगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्मित रेन शेड का एक हिस्सा पिछले लगभग चार महीनों से टूटा पड़ा है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई है। रेन शेड के आसपास लगी स्टील रेलिंग टूट चुकी है और कई स्थानों पर टाइलें उखडक़र बिखरी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नया निर्माण होने के बावजूद रेन शेड की हालत लगातार खराब होती जा रही है। टूटे हुए फर्श, क्षतिग्रस्त रेलिंग और बढ़ी हुई झाडिय़ां पूरे परिसर को बदहाल बना रही हैं। तस्वीरों में भी स्पष्ट दिखाई देता है कि रेन शेड के आसपास झाडिय़ों ने कब्जा कर लिया है, जबकि टूटे हुए टाइलों के टुकड़े और उखड़ा हुआ फर्श दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग और एनएचएआई के अधिकारी बंद कमरों से बाहर ही नहीं निकलते, जिससे उनको पता ही नहीं चल पाता है कि धरातल पर क्या चल रहा है। लोगों ने मांग की है कि रेन शेड की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।