भारत सरकार ने मार्च 2026 के लिए मासिक आर्थिक समीक्षा MER की जारी
मार्च 2026
Delhi दिल्ली: भारत के वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने मार्च 2026 के लिए मासिक आर्थिक समीक्षा (Monthly Economic Review – MER) जारी की है, जिसमें देश की आर्थिक गतिविधियों, संकेतकों और जोखिमों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। MER मार्च 2026 रिपोर्ट में वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों का विश्लेषण शामिल है, जो नीति निर्माताओं, निवेशकों और अर्थशास्त्रियों को वर्तमान रुझानों और जोखिमों के बारे में जानकारी देती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर यूरेशिया में जारी तनावों के कारण तेल और ऊर्जा की आपूर्ति पर दबाव है, जिससे भारत सहित तेल-आयातक देशों को महंगाई और विनिमय दर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। MER के अनुसार, मुद्रास्फीति (inflation) में उछाल देखा गया है और खाद्य मुद्रास्फीति भी बढ़ी है, जो घरेलू उपभोक्ता स्तर पर कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र के संकेतक, बैंकों के उधार (bank credit) के बढ़ते प्रवाह और विदेशी निवेश प्रवाह का भी उल्लेख है, जो आर्थिक गतिविधियों को समर्थन दे रहे हैं। Balance of Payments (BoP) तथा चालू खाते (Current Account Balance) में भी कुछ बदलाव के संकेत मिलते हैं, जिसमें व्यापार घाटा और विदेशी पूंजी का प्रवाह शामिल है।
समीक्षा में यह भी कहा गया है कि भारत की श्रम बाजार स्थितियाँ स्थिर हैं, रोजगार और खुदरा दृष्टिकोण के संकेत सकारात्मक बने हुए हैं, जबकि कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं, खासकर ऊर्जा की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति में व्यवधानों के संदर्भ में। कुल मिलाकर, MER रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बुनियादी संकेतकों और नीतिगत उपायों से लैस है, लेकिन वैश्विक मुद्दे और ऊर्जा की कीमतें आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव डाल सकती हैं।