मां बज्रेश्वरी मंदिर के कलशों पर सोने की परत, कांगड़ा में भक्त सहयोग से जारी काम
Kangra. कांगड़ा। कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर के गुंबदों पर लगे कलशों पर सोने की परत चढ़ाई जा रही है। इस कार्य में मंदिर प्रशासन के साथ भक्तों का सहयोग भी मिल रहा है। अभी तक जो कलश उतारे गए हैं, उनका परीक्षण किया गया और पता चला कि वे तांबे के बने हुए थे, जिन्हें गोल्ड प्लेटेड किया गया है। मंदिर के पुराने कलशों को हटाने और नए पर सोने की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ये कलश हमारी ऐतिहासिक धरोहर हैं और इन्हें उतारने का काम केवल वैज्ञानिक और पेशेवर लोगों से करवाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि वर्तमान में जो लोग कलश उतार रहे हैं, वे पेशेवर नहीं हैं, जिससे कलशों का महत्त्व और उनकी सुरक्षा खतरे में है।
मंदिर के पूर्व ट्रस्टी नरेंद्र शर्मा हैप्पी ने बताया कि कुछ कलशों को हथौड़ी के साथ हटाया जा रहा है, जिससे गुंबद की फाउंडेशन हिल रही है और पानी के रिसाव का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोने की परत चढ़ाना एक अच्छा निर्णय है, लेकिन इसे वैज्ञानिक तरीके से करना आवश्यक है ताकि मंदिर की ऐतिहासिक भव्यता और महत्त्वता बरकरार रहे। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने कहा कि इस कार्य को पूरी शिद्दत के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कलशों को उतारने की प्रक्रिया में सावधानी बरती जा रही है। जो कलश हटाए गए हैं, उनकी जांच की गई और वे तांबे के पाए गए। इन पर सोने की परत चढ़ाने का कार्य मुकम्मल कर दिया गया है और उन्हें उसी स्थान पर वापस लगा दिया गया है, जिससे उनकी भव्यता और महत्त्व दोनों बढ़ेंगे।
मंदिर प्रशासन ने मजदूरों को विशेष हिदायत दी है कि कलशों को उचित और सुरक्षित तरीके से हटाया जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी और कार्य पूरी सावधानी से किया जा रहा है। सोने की परत चढ़ने के बाद कलशों की खूबसूरती और धार्मिक महत्त्व दोनों बढ़ेंगे। स्थानीय लोगों और भक्तों का कहना है कि मंदिर की भव्यता और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। कुछ लोगों ने कलशों के हटाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं, लेकिन मंदिर प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और पेशेवर तरीके से हो रही है। मंदिर में किए जा रहे इस कार्य से भक्तों में उत्साह है। कलशों पर सोने की परत चढ़ने के बाद मंदिर की भव्यता और आकर्षण और बढ़ जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और भविष्य में कोई भी नुकसान नहीं होगा।