फाइल फोटो

लखनऊ: मुख्तार अंसारी के खिलाफ गवाही देने पर कार कम्पनी के जनरल मैनेजर संजय मिश्र को धमकी दी गई है। आरोप है कि मुख्तार के गुर्गे शाहिद अंसारी उर्फ मो. जाफरी और नामवर ने धमकाया है। इन लोगों ने फोन कर गवाही देने के लिए मना किया था। संजय ने उनकी बात नहीं मानी और कोर्ट में मुख्तार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गवाही दे दी थी। इससे नाराज मुख्तार के साथी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। यह आरोप लगाते हुए संजय ने कैसरबाग कोतवाली में एफआईआर लिखायी है। गैंगेस्टर मुख्तार के खौफ से संजय बुलेट प्रूफ जैकेट पहन कर पेशी पर जाता था।
लालबाग नावेल्टी सिनेमा के पास एमजीएस मोटर्स में जीएम संजय मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2013 में उनके शोरूम से बाराबंकी स्थित श्याम संजीवनी हॉस्पिटल संचालक अल्का राय ने एक टाटा विंगर एंबुलेंस निकलवाई थी। इसका इस्तेमाल लगातार मुख्तार करता रहा था। वर्ष 2021 में बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने संजय मिश्रा से सम्पर्क किया था। इस मुकदमे में पुलिस ने संजय से कई जानकारी मांगी थी जो उसने दे दी थी। इसके साथ ही वह मुकदमे में मुख्य गवाह भी हैं। उनकी गवाही शुरू होने से पहले ही उन्हें धमकाना शुरू कर दिया गया था।
पीड़ित के मुताबिक मुख्तार अंसारी और उसके गिरोह ने भाजपा नेता कृष्णानन्द राय की नृशंस हत्या की थी। मुख्तार के गुर्गे शाहिद अंसारी और नामवर ने मुकदमे में गवाही देने से रोकने के लिए संजय से मुलाकात की थी। कई बार फोन कर धमकाया और कई बार दफ्तर पहुंच कर दबाव बनाया। इसके बाद भी संजय गवाही देने पर अड़े रहे। धमकियों का असर नहीं होने पर शाहिद और नामवर ने संजय से कहा था कि कृष्णानन्द राय की हत्या में आठ गवाह थे। जिनमें से अब कोई भी जिन्दा नहीं है। तुम्हारा भी ऐसा ही हाल कर देंगे वरना गवाही देने से पीछे हट जाओ।
दुर्दांत अपराधी मुख्तार जेल में बंद है। उसने भी गुर्गों के जरिए व्हाटसएप कॉल कर संजय को धमकाने का प्रयास किया था। पर, संजय ने व्हाटसएप काल रिसीव नहीं की थी। इस बीच कई पुलिस अधिकारियों ने भी संजय को समझाने का प्रयास किया। हालांकि संजय ने दर्ज कराए गए मुकदमे में धमकी देने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम का जिक्र नहीं किया है।
संजय मिश्र के मुताबिक 21 फरवरी और पांच मार्च को कोर्ट में पेशी दी थी। जिसमें वह गवाही दे चुके हैं। इसके बाद भी उन्हें धमकाया जा रहा है। पीड़ित के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से उसे बुलेटप्रूफ जैकेट पहन कर कोर्ट जाना पड़ता है। एक गनर भी दिया गया है। लेकिन मुख्तार से खतरे और लगातार मिल रही धमकियों के कारण संजय और उनके परिवार को खतरा बना हुआ है। ऐसे में संजय ने मुकदमा दर्ज कराने के साथ सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है।
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