उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नोमान अशरफ ने अपनी अंतिम स्पीच में गाजा, फिलिस्तीन, ईरान और सूडान के मुसलमानों का मुद्दा उठाया। उनके संबोधन में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय की समस्याओं का विशेष उल्लेख रहा।
जानकारी के मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव की फाइनल स्पीच के दौरान नोमान अशरफ ने गाजा और फिलिस्तीन के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनका दिल गाजा और फिलिस्तीन के लोगों के लिए धड़कता है। साथ ही उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों की परेशानियों को समझने और उनके प्रति संवेदनशील रहने की जरूरत बताई।
नोमान अशरफ ने अपने संबोधन में ईरान और सूडान का भी जिक्र किया। उन्होंने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परिस्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आने वाली मानवीय समस्याओं को समझना जरूरी है।
छात्रसंघ चुनाव के मंच से गाजा-फिलिस्तीन जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को उठाए जाने से उनके भाषण की चर्चा हो रही है। आमतौर पर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों में कैंपस से जुड़ी समस्याएं, छात्र सुविधाएं, शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के अधिकार प्रमुख मुद्दे होते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का जिक्र चुनावी भाषण को अलग आयाम देता है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति का लंबा इतिहास रहा है। छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और विभिन्न मुद्दों पर विचार रखने का मंच प्रदान करते हैं। फिलहाल नोमान अशरफ के भाषण में उठाए गए मुद्दों को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि, उनके संबोधन पर अन्य प्रत्याशियों या विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।