उबर ऐप से फर्जीवाड़ा कर रहे गैंग का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार, ऐसे पता चला
फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर कंपनी को चूना लगाने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में थाना ईकोटेक प्रथम पुलिस ने उबर एप्लीकेशन के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर कंपनी को चूना लगाने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से फर्जी आधार कार्ड की 500 फोटोकॉपी, 21 मोबाइल फोन, एक पिट्ठू बैग, एक छोटा प्रिंटर और एक हुंडई आई-10 कार बरामद की गई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहम्मद उमेर और मुजफ्फर जमाल क्रमशः दिल्ली की नंद नगरी और भजनपुरा क्षेत्रों के निवासी तथा एक शातिर गिरोह के सदस्य हैं। दोनों विभिन्न मोबाइल फोनों के माध्यम से उबर ऐप पर फर्जी ड्राइवर आईडी बनाते थे। एक ही आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को ऐप की मदद से एडिट कर कई नकली दस्तावेज तैयार करते थे। गूगल लेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके इन दस्तावेजों की फोटो बदल देते थे और फिर उन्हें उबर ऐप पर अपलोड करते थे।
शुरुआत में 8-10 छोटी राइड्स लेकर ये कंपनी का भरोसा जीतते थे। इसके बाद कंपनी द्वारा दिए जाने वाले क्रेडिट (लोन) का लाभ उठाते हुए एक लंबी राइड बुक करते थे। बिना यात्रा किए ही ओटीपी डालकर राइड पूरी दिखाते और पेमेंट हासिल कर लेते थे।
जब तक कंपनी को फर्जीवाड़े का पता चलता, वे आईडी ब्लॉक कर देते और फिर नई आईडी से उसी तरह ठगी करते। लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से थाना ईकोटेक प्रथम पुलिस ने मंगलवार, 8 अप्रैल को घरबरा अंडरपास के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियुक्तों के खिलाफ थाना ईकोटेक प्रथम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि दोनों अपराधी बहुत ही शातिर हैं। दोनों अलग-अलग आईडी बदलकर कंपनी को लाखों रुपए का चूना लगा चुके हैं। वे रोजाना कंपनी को 45 से 50 हजार रुपए का नुकसान पहुंचा रहे थे।