परिवार की सहमति के बिना किया पूर्व प्रोफेसर का ऑपरेशन
अभी कोमा में है...
टीम में शामिल प्रोफेसर क्षितिज श्रीवास्तव ने कहा, वह एक्यूट सबड्यूरल हेमेटोमा से पीड़ित थे, एक मेडिकल इमरजेंसी, जिसमें मस्तिष्क और उसकी सबसे बाहरी परत के बीच रक्त जमा हो जाता है। यह काफी गंभीर स्थिति है। अब हम उम्मीद है कि वह जल्द ही होश में आ जाएंगे। भार्गव को करीब 20 दिन पहले आस्था सेंटर फॉर गेरिएट्रिक मेडिसिन हॉस्पिटल एंड हॉस्पिस में अर्धचेतना की स्थिति में भर्ती कराया गया था। 20 साल पहले तलाकशुदा भार्गव एक दशक से शहर के सहारा एस्टेट, जानकीपुरम में अकेले रहते हैं।
तत्काल सर्जरी के लिए डॉक्टरों की सहमति नहीं मिल सकी। आस्था अस्पताल के निदेशक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने आगे की दिशा के लिए सीएमओ से संपर्क किया और उनसे कुछ वित्तीय सहायता की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। इसके बाद केजीएमयू के डॉक्टर आगे आए और मरीज का ऑपरेशन करने को तैयार हो गए।