Delhi दिल्ली: भारत और जर्मनी ने रक्षा, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयासों का हिस्सा है। समझौते के तहत भारत और जर्मनी ने रक्षा सहयोग, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा परियोजनाओं में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया। इसके अंतर्गत दोनों देशों के विशेषज्ञ सैन्य प्रशिक्षण, हथियार प्रणाली विकास, साइबर सुरक्षा और नवाचार आधारित तकनीकी परियोजनाओं पर सहयोग करेंगे। 

ऊर्जा क्षेत्र में दोनों पक्ष सस्टेनेबल एनर्जी, क्लीन टेक और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश और तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देंगे। जर्मनी की अग्रणी कंपनियां भारत में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में शामिल होंगी। इसके साथ ही दोनों देशों ने ऊर्जा दक्षता और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझा अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई। इस अवसर पर दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि भारत-जर्मनी आर्थिक और तकनीकी सहयोग सिर्फ दोनों देशों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सतत विकास लक्ष्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों ने स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। 

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सहयोग रक्षा और ऊर्जा के आधुनिकरण के साथ-साथ उद्योगों और रोजगार सृजन में भी योगदान देगा। दोनों देशों की कंपनियों के लिए भारत एक विकासशील बाजार और रणनीतिक निवेश केंद्र बनता जा रहा है। इस समझौते से यह भी स्पष्ट होता है कि भारत और जर्मनी के बीच विश्वसनीय और दीर्घकालिक साझेदारी का मार्ग और मजबूत हो रहा है। दोनों पक्षों ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में यह सहयोग और विस्तार करेगा और वैश्विक सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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