नैनीताल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 24 घंटे में 150 मिमी बारिश
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में बीती रात से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पिछले 24 घंटे में करीब 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से शहर के नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। नैनी झील का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार को झील के चैनल पूरी तरह खोल दिए गए।
बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम में अचानक आए बदलाव से शहर में ठंड बढ़ गई है। नैनी झील में पूरे दिन नौकायन बंद रहा। झील में तेज हवा के कारण उठ रही लहरों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी।
नैनीताल में शुक्रवार रात करीब नौ बजे बारिश का दौर शुरू हुआ था। इसके बाद शनिवार देर शाम तक बारिश लगातार जारी रही। लंबे समय तक हुई बारिश के कारण शहर की सड़कों पर पानी भर गया और नाले तेज बहाव के साथ बहने लगे।
मानसून की विदाई के समय मौसम के इस तरह बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश के तेज दौर ने शहर की सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर दिया।
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर नैनीताल की अपर और लोअर मालरोड पर दिखाई दिया। दोनों क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
शहर के अलग-अलग हिस्सों से आने वाला बारिश का पानी नालों के जरिए नैनी झील तक पहुंच रहा है। भारी बारिश के कारण नालों का बहाव काफी तेज हो गया। झील में लगातार पानी पहुंचने से जलस्तर बढ़ा, जिसके बाद चैनलों को पूरी तरह खोलने की जरूरत पड़ी।
नैनी झील नैनीताल की पहचान होने के साथ शहर की पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक नौकायन करते दिखाई देते हैं, लेकिन शनिवार को खराब मौसम के कारण नौकायन पूरी तरह बंद रहा।
झील के आसपास भी सामान्य दिनों की तुलना में गतिविधियां कम रहीं। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पर्यटकों को होटल तथा अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। मौसम की स्थिति को देखते हुए कई पर्यटकों ने अपने कार्यक्रम में बदलाव किया।
विभिन्न शहरों से नैनीताल घूमने पहुंचे कई सैलानी खराब मौसम के कारण वापस लौटने लगे। लगातार बारिश से शहर घूमना मुश्किल हो गया और बाहरी गतिविधियां प्रभावित हुईं। पर्यटन स्थलों पर भी सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं दिखाई दी।
लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से स्थानीय लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया। सितंबर के अंतिम दिनों में इस तरह की ठंड ने लोगों को अचानक बदले मौसम का एहसास कराया।
पिछले 24 घंटे में 150 मिलीमीटर बारिश होने से शहर में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ी है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होने पर नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
नैनीताल की भौगोलिक स्थिति के कारण शहर में बारिश का पानी ऊंचाई वाले इलाकों से तेजी से नीचे पहुंचता है। तेज बारिश होने पर नालों में अचानक पानी बढ़ने लगता है। शनिवार को भी लगातार बारिश के कारण शहर के कई नाले उफान पर रहे।
अपर और लोअर मालरोड में जलभराव के कारण स्थानीय यातायात भी प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी रही। पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
नैनी झील का जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए शनिवार को चैनल पूरी तरह खोल दिए गए। लगातार बारिश से झील में पानी पहुंचने के कारण यह कदम उठाया गया। झील के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
बारिश के दौरान नैनी झील का दृश्य भी सामान्य दिनों से अलग रहा। ठंडी और तेज हवाओं के बीच झील में उठती लहरों ने लोगों का ध्यान खींचा। खराब मौसम के कारण लोगों को झील के आसपास भी सावधानी बरतनी पड़ी।
पूरे दिन नौकायन बंद रहने का असर इससे जुड़े स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा। नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए नौकायन प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। ऐसे में एक दिन तक गतिविधि ठप रहने से नाव संचालकों और इससे जुड़े लोगों का काम प्रभावित हुआ।
पर्यटन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी खराब मौसम का असर पड़ा। बारिश के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही और पर्यटक होटलों से बाहर कम निकले। कुछ पर्यटकों ने मौसम में सुधार का इंतजार किया, जबकि कई अपने शहरों की ओर लौट गए।
मानसून की विदाई के समय इतनी तेज बारिश की उम्मीद कम थी। हालांकि मौसम ने अचानक करवट ली और शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार देर शाम तक जारी रहा।
पहाड़ी शहर होने के कारण नैनीताल में लगातार भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
शहर में नालों के उफान पर होने के कारण उनके आसपास भी अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। तेज बहाव वाले पानी के करीब जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और सड़क की स्थिति तेजी से बदल सकती है।
नैनीताल में मौसम खराब होने से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होने के साथ सामान्य जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। कई जगह जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
अपर और लोअर मालरोड शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल हैं। इन पर जलभराव होने से शहर के भीतर आवाजाही पर सीधा असर पड़ा। लगातार बारिश के कारण पानी निकलने में भी समय लगा।
नैनी झील में पानी का स्तर बढ़ने और तेज लहरें उठने के कारण नौकायन को बंद रखना पड़ा। मौसम सामान्य होने के बाद ही नौकायन गतिविधियां दोबारा शुरू होने की स्थिति बनेगी।
फिलहाल नैनीताल में बारिश ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटे में हुई 150 मिलीमीटर बारिश से नाले उफान पर हैं, सड़कों पर जलभराव है और नैनी झील का जलस्तर भी बढ़ा है।
मानसून की विदाई से पहले बदले मौसम ने सरोवर नगरी में एक बार फिर बारिश का असर दिखाया है। नैनी झील के चैनल खोल दिए गए हैं और नौकायन बंद है। अब स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों को मौसम में सुधार का इंतजार है।