Kullu. कुल्लू। जिला कुल्लू में रविवार दोपहर बाद अचानक हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में ओलावृष्टि और नालों में बाढ़ आ गई। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित औट-लुहरी नेशनल हाईवे-305 (एनएच-305) रहा। भारी बारिश और नाले में पानी के बढ़ने से पुल और सड़क पर भारी सैलाब आ गया, जिससे वाहनों की गति ठप हो गई और एनएच पर लंबी कतारें लग गईं। विशेष रूप से औट-लुहरी से मंगलौर तक का मार्ग प्रभावित हुआ। वहां सड़क पर दलदल बन गया और मलबा जमा होने के कारण कई वाहन फंस गए। कुल्लू से आनी की तरफ जाने वाली बसें और निजी वाहन भी कई घंटों तक रुके रहे। मलबा और कीचड़ के कारण यातायात बाधित हुआ और लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने प्रभावित मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। एनएच-305 के कई प्वाइंट्स पर जलभराव और दलदल के कारण वाहन धीमी गति से ही चल पा रहे थे। अधिकारियों ने मार्ग पर सावधानी बरतने और भारी वाहनों को जरूरी होने तक ही गुजरने की सलाह दी। मौसम विभाग के अनुसार, कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में अभी कुछ और दिनों तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इसलिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की चेतावनी जारी की है।
इस बारिश से कुल्लू जिले के कृषि क्षेत्र और छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि बाढ़ और ओले से फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, हाईवे पर मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित करने के लिए नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग भी बारिश से हुए नुकसान और यातायात बाधाओं को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि बारिश और बाढ़ के दौरान मार्गों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। इस घटना ने यह दिखाया कि हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने से सड़क परिवहन और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक उपायों और सतर्कता से ही इस तरह के हालातों को नियंत्रित किया जा सकता है।