मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बाइक पर कई नाबालिग बच्चों के सवार होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है. वायरल वीडियो में एक छोटी मोटरसाइकिल पर करीब 4-5 बच्चे सवार दिखाई दे रहे हैं. सभी बच्चे नाबालिग बताए जा रहे हैं. वीडियो में बच्चों के बाइक पर इस तरह सवार होकर जाने का तरीका देखकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक, वीडियो मेरठ जनपद का है. वीडियो सामने आने के बाद डीआईजी ने इसका संज्ञान लिया और एसएसपी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई. जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके साथ ही संबंधित वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने ₹25 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
वायरल वीडियो में एक ही मोटरसाइकिल पर कई बच्चे सवार दिखाई दे रहे हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, करीब 4-5 नाबालिग बच्चे इस वाहन पर सवार थे. वीडियो में बच्चों के इस तरह बाइक से जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे लेकर कार्रवाई की. एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मेरठ जनपद में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक छोटी गाड़ी पर करीब 4-5 नाबालिग बच्चे सवार थे. इस वीडियो का अधिकारियों ने संज्ञान लिया और एसएसपी के निर्देश पर इसकी जांच की गई. जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया है. संबंधित वाहन को सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है. इसके अलावा वाहन पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सिर्फ मुकदमा और जुर्माने तक कार्रवाई सीमित नहीं है. वाहन को सीज करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ ही डीए और आरसी कैंसिलेशन की कार्रवाई भी प्रचलित है. पुलिस ने साफ किया है कि नाबालिग बच्चों का इस तरह वाहन चलाना गलत है. बच्चों के वाहन चलाने के मामले में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एसपी ट्रैफिक ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए मूल रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी है.
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि विद्यार्थी और स्टूडेंट इस तरह की चंदबाजी करते हुए नजर आते हैं. पुलिस के मुताबिक, इस तरह वाहन चलाना गलत है और इसमें मूल रूप से अभिभावक जिम्मेदार हैं. अधिकारी ने बताया कि अभिभावकों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि एक्ट में भी अभिभावकों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है. इसी के तहत इस मामले में कार्रवाई प्रचलित है. इस मामले में पुलिस ने अभिभावकों से भी जागरूक रहने की अपील की है. एसपी ट्रैफिक ने कहा कि वह मेरठ जनपद के सभी अभिभावकों से कहना चाहते हैं कि वे जागरूक हों और अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें.
इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से हुई. वीडियो में कई नाबालिग बच्चे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया. इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई. जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने वाहन को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी. ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही डीए और आरसी कैंसिलेशन से जुड़ी कार्रवाई भी चल रही है.
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा इस तरह की चंदबाजी अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. इस मामले में अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. मेरठ पुलिस ने इस घटना के जरिए अभिभावकों से अपने नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने की अपील की है. अधिकारी के मुताबिक, अभिभावकों को जागरूक होने की जरूरत है, ताकि नाबालिग बच्चे इस तरह वाहन लेकर सड़क पर न निकलें.
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