5 बच्चे और महिला की मौत, कपड़ा कारोबारी के घर आगजनी की बड़ी घटना
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यूपी। मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के किदवईनगर में सोमवार रात दर्दनाक हादसा हुआ। कपड़ा कारोबारी के मकान में आग लगने से पुत्रवधू समेत पांच पोते और पोतियों की मौत हो गई। दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। सामने वाले मकान से सीढ़ी लगाकर सभी लोगों को बाहर निकाला गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह दो घंटे बाद आग को काबू किया गया।
डीएम और एसएसपी घटनास्थल पर रात को ही पहुंच गए। इकबाल के मकान में लगी आग के बाद 30 मिनट तक मौत से जंग चलती रही। अंदर मकान में बच्चों के साथ फंसी रुखसार और उनकी सास बानो मदद के लिए चीखते रहे। बाहर गली में मौजूद लोग कभी पानी डाल रहे थे और कभी मकान के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग कुछ कम हुई तो लोगों ने सामने वाले मकान से इकबाल के घर पर सीढ़ी लगाकर अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला। हालांकि उस समय तक ज्यादातर बच्चों की मौत हो चुकी थी।
23 फरवरी की रात इकबाल के परिवार पर कहर बनकर टूटी। इकबाल और उनके बेटे रात के समय मस्जिद गए हुए थे। घर पर नीचे के हिस्से में बने गोदाम में रात करीब 9 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। ऊपर मकान में रह रहे लोगों को आग की जानकारी उस समय हुई, जब पूरे घर में धुआं भरने लगा। इस दौरान जान बचाने के लिए रुखसार बच्चों को लेकर सीढ़ियों से नीचे की ओर दौड़ी, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका था। आग की लपटों ने नीचे के पूरे हिस्से को घेर लिया था। कपड़ों में आग लगने के कारण धुआं तेजी से घर में भरने लगा। यहां रुखसार ने बच्चों को चादर के नीचे दबाकर बचाने का भी प्रयास किया। रुखसार और उनकी सास बानो मदद के लिए चीखते चिल्लाते रहे। बच्चे भी रोते बिलखते रहे। हिम्मत करके लोगों ने रुखसार, उनकी सास बानो और पांच बच्चों को बाहर निकला। हालांकि उस समय तक दम घुटने के कारण बच्चों की मौत हो चुकी थी। अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
भीषण हादसे के दौरान आसपास के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर घर में फंसे बच्चों को बचाने के लिए भागे। चीख-पुकार के बीच लोगों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन आग की तपिश और दम घोंटने वाले धुएं ने रास्ता रोक दिया। लाख कोशिशों के बाद भी मासूमों को बचाया नहीं जा सका, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।