नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर चिपके मिले, जिसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह एफआईआर 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007' और 'मेट्रो रेलवे (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002' की धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इन ब्लैक-एंड-व्हाइट पोस्टरों में कई मुद्दे उठाए गए थे और पिछले कुछ वर्षों में देश में आए बदलावों के बारे में थे। इनमें एक क्यूआर कोड भी था, जिसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा गया था। पुलिस ने इन पोस्टरों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच में स्पेशल सेल भी शामिल है।
बीते दिनों सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को बंद किया गया था। सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते 14 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी थी। डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया था। हलफनामे में डीएमआरसी ने बताया था कि 10 अक्टूबर को सुनिश्चित समय सारणी के अनुसार 271 ट्रेनें चलाई गईं और पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 फेरे लगाए गए थे।
इससे पहले 12 अक्टूबर को भी इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी की गई थी। इस दौरान दिल्ली मेट्रो के 6 मेट्रो स्टेशन के गेट बंद किए गए थे और कई मार्गों पर डायवर्जन किए गए थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया था कि इंडी गठबंधन के मार्च को देखते हुए सोमवार को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए थे।
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