खूंखार पिटबुल ने 6 महीने के बच्चे पर किया हमला, बुआ की गोद में था, लगे 20 टांके
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सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले में पिटबुल कुत्ते के हमले में छह महीने का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सिक्का कॉलोनी की है। बच्चा अपनी बुआ के साथ घर से बाहर टहलने निकली थी। इसी दौरान अचानक एक पिटबुल उनकी तरफ दौड़ता हुआ आया और महिला की गोद में मौजूद बच्चे पर झपट पड़ा। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बच्चे की बुआ उसे गोद में लेकर सड़क पर चल रही थीं। इसी दौरान पिटबुल तेजी से उनकी ओर आता है और बच्ची पर हमला कर देता है। अचानक हुए हमले से महिला का संतुलन बिगड़ जाता है और वह बच्चे समेत सड़क पर गिर जाती हैं। इसके बाद कुत्ता बच्चे को अपने मुंह में दबोच लेता है।
घटना के दौरान महिला ने बच्चे को पिटबुल से बचाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ते ने बच्ची को नहीं छोड़ा। CCTV वीडियो में कुत्ते को बच्चे को पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए देखा जा सकता है। आसपास मौजूद लोगों ने भी बच्चे को बचाने और कुत्ते को हटाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया गया। हमले में बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बच्चे को रोहतक के अस्पताल में रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बच्चे की बुआ उसे टहलाने के लिए घर से बाहर लेकर गई थीं। परिवार ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि रास्ते में पिटबुल अचानक उन पर हमला कर देगा। कुछ ही सेकंड में कुत्ते ने बच्चे को निशाना बना लिया। घटना के बाद सिक्का कॉलोनी के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुत्ता खुले में घूम रहा था या उसे पर्याप्त सुरक्षा के बिना बाहर रखा गया था, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है। लोगों ने कुत्ते के मालिक की जिम्मेदारी और इलाके में ऐसे कुत्तों को रखने से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के संबंध में बच्चे के परिवार की ओर से अभी तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में पुलिस की ओर से मामले में औपचारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार फिलहाल बच्चे के इलाज पर ध्यान दे रहा है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में पालतू कुत्तों को रखते समय उनकी सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।