OMG! अब बाजार में 'नकली टूथपेस्ट', फर्जी Sensodyne बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़
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> जनता से रिश्ता की खबर सच निकली
> नकली सामान को लेकर जनता से रिश्ता के दिल्ली एडिशन में प्रमुखता से खबर छपी थी
> दो माह पहले प्रकाशित की थी खबर बड़ी कंपनियों को चूना लगाने डुप्लीकेट प्रोडक्ट का अंधा मार्केट
> बड़ी और नामचीन कंपनियों के हूबहू ट्रेडमार्क की नकल
Delhi News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। कंझावला के एक गोदाम में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में नकली 'सेंसोडाइन' टूथपेस्ट तैयार कर उसे ब्रांडेड बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी हरिओम मिश्रा को गिरफ्तार किया है और मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल और मशीनें बरामद की हैं।
क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-1) को गुप्त सूचना मिली थी कि कंझावला के महावीर विहार स्थित एक गोदाम में नकली टूथपेस्ट का काला कारोबार चल रहा है। 2 अप्रैल को डीसीपी पंकज कुमार के निर्देश पर इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम ने कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि के साथ मिलकर गोदाम पर छापा मारा। मौके पर 6 श्रमिक घटिया पेस्ट को ट्यूब में भरने और पैक करने के काम में जुटे मिले। पूछताछ के बाद पुलिस ने रोहिणी सेक्टर-2 के रहने वाले मुख्य आरोपी हरिओम मिश्रा को उसके घर से दबोच लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी ने 7 महीने पहले यह गोदाम किराए पर लिया था। यहां बिना किसी लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के, स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया घटिया और अनहाइजीनिक पेस्ट (Raw Paste) इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी इस पेस्ट को सेंसोडाइन के खाली ट्यूब में भरकर, सीलिंग मशीन से पैक करता था और असली बताकर मार्केट में सप्लाई करता था।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान जब्त किया है, जिसमें 130 किलो तैयार नकली टूथपेस्ट, हजारों की संख्या में खाली और भरे हुए ट्यूब, कैप्स और प्रिंटेड कार्टन। ट्यूब फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन और हीटिंग गन और बड़ी मात्रा में पैकेजिंग मटेरियल और सुपर ग्लू शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली टूथपेस्ट दिल्ली के किन-किन बाजारों में सप्लाई किया गया है। साथ ही, कच्चे माल और खाली ट्यूब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नकली उत्पादों के इस्तेमाल से दांतों और मसूड़ों को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।