अलवर। अलवर शहर के दूसरे प्लेटफार्म पर जाने वाले रास्ते पर अमीर की चक्की वाली गली में एक मकान में शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे रसोई गैस सिलेण्डर में आग लगने से विस्फोट हो गया। आग ने मकान में रखे पटाखों चपेट में ले लिया। पहले धमाका व फिर पटाखे चलने से आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। विस्फोट इतना तेज था कि रसोई की छत भी उड़ गई। इस हादसे में परिवार के चार लोग आग की लपटें लगने से झुलस गए। इनमें से एक वृद्धा को गंभीर हालत में अलवर रैफर कर दिया गया है। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया।
जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के समीप जसोरिया कॉलोनी में नरेन्द्र पुत्र रोहिताश्व का मकान है। इसके पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे उसकी पत्नी रसोई में गैस पर सब्जी बना रही थी। इसी दौरान रसोई गैस सिलेण्डर ने आग पकड़ ली। कुछ क्षण में ही आग तेज हो गई। यह देखकर नरेन्द्र व उसकी पत्नी संध्या अपने दो बच्चों को लेकर तत्काल बाहर निकल गई। लेकिन नरेन्द्र की मां उर्मिला पीछे रह गई। तभी मकान में रसोई गैस सिलेण्डर में विस्फोट हो गया। धमाके से मकान का मुख्य गेट गिर गया।
इससे उर्मिला अंदर रह गई। आसपास के लोगों ने उर्मिला को बाहर निकाला। इस धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इसके बाद आग पूरे मकान में फैल गई। जहां दीपावली की बची हुई आतिशबाजी रखी हुई थी। इसने में भी आग पकड़ ली। इसके बाद मकान में आतिशबाजी में पटाखे चलने की आवाजें आना शुरू हो गई। मामले की सूचना मिलने पर दमकलकर्मी, नगरपरिषद के कर्मचारी व पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान यहां आसपास के लोग एकत्रित हो गए। आग की लपटों में आने से त्रितिका (3), शिवांग (7), संध्या (28) व उर्मिला (70) झुलस गए। इनमें से उर्मिला को खैरथल अस्पताल से अलवर अस्पताल में रैफर कर दिया गया।
Tags: