भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी युवाओं का हौसला, 95% उपस्थिति के साथ शुरू हुई अग्निवीर परीक्षा
Gwalior. ग्वालियर | देश की सेवा करने का सपना लेकर हजारों युवाओं ने भीषण गर्मी और तेज धूप की परवाह किए बिना अग्निवीर भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया। सोमवार से शुरू हुई भारतीय सेना की ऑनलाइन लिखित परीक्षा में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। तपती गर्मी के बावजूद युवाओं के चेहरे पर सेना की वर्दी पहनने का सपना साफ नजर आ रहा था। पहले ही दिन रिकॉर्ड 95 प्रतिशत के करीब उपस्थिति दर्ज होने से यह साफ हो गया कि युवाओं में सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का जुनून पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है।
ग्वालियर और सागर में बनाए गए चार परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन कुल 6,134 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 5,827 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 307 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सेना अधिकारियों के मुताबिक यह उपस्थिति पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही। इससे पहले आयोजित परीक्षाओं में उपस्थिति का प्रतिशत लगभग 80 से 82 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया था, लेकिन इस बार युवाओं ने नया रिकॉर्ड बना दिया।
अग्निवीर भर्ती परीक्षा में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर और छतरपुर समेत कई जिलों के युवा शामिल हुए। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले अनेक अभ्यर्थी रात में ही परीक्षा केंद्रों के आसपास पहुंच गए थे ताकि सुबह समय पर परीक्षा स्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्वालियर के चितौरा रोड स्थित आईओएन डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर देर रात से ही युवाओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह सात बजे रिपोर्टिंग शुरू होने के साथ ही केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कतारबद्ध नजर आए। परीक्षा विभिन्न शिफ्टों में आयोजित की गई। पहली शिफ्ट सुबह 8:30 बजे शुरू हुई, जबकि अंतिम शिफ्ट शाम 6:30 बजे समाप्त हुई। पूरे दिन परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों और परिजनों की भी भीड़ देखी गई, जो अपने बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए पहुंचे थे।
परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सेना के अधिकारी ऑब्जर्वर के रूप में तैनात रहे। स्थानीय पुलिस बल भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने में जुटा रहा। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेजों की गहन जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं थी।
परीक्षा देने पहुंचे युवाओं में देश सेवा को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि सेना में भर्ती होना उनका बचपन का सपना है। मुरैना से पहुंचे एक अभ्यर्थी ने कहा कि परिवार में पहले से सुरक्षाबलों में सेवा देने की परंपरा रही है और वह भी सेना की वर्दी पहनकर देश की रक्षा करना चाहता है। वहीं भिंड से आए एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि पिछली बार आयु सीमा के कारण वह भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाया था, लेकिन इस बार अवसर मिलने पर उसने पूरी मेहनत के साथ परीक्षा दी है।
हालांकि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर ऑटो चालकों द्वारा अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आईं। इसके बावजूद अधिकांश अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में सफल रहे और परीक्षा में शामिल हुए।
सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने नहीं आई। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी परीक्षा इसी तरह विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएगी।