Nahan. नाहन। गिरिपार क्षेत्र के कफोटा कस्बे में अतिक्रमण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार क्षेत्र में नेशनल हाई-वे से सटी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति पर कब्जा बढ़ रहा है बल्कि कफोटा की सडक़ों और गलियों का दायरा भी सिकुंड़ता जा रहा है। इस मामले में तहसीलदार कमरऊ और उपमंडलाधिकारी स्तर तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार पटवारी हल्का दुगाना द्वारा पांच नवंबर 2024 को अतिक्रमण की रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके बाद फील्ड कानूनगो ने मौके का निरीक्षण कर मामला सहायक समाहर्ता के समक्ष प्रस्तुत किया। 26 नवंबर 2024 को सहायक समाहर्ता ग्रेड-2 द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
इसके पश्चात हुई जांच में स्पष्ट हुआ कि राजस्व विभाग की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। मामले की सुनवाई तत्कालीन तहसीलदार कमरऊ एवं सहायक समाहर्ता निशा आजाद सिंह के समक्ष हुई, जिसमें 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में कफोटा बाजार में अतिक्रमण स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नेशनल हाई-वे से जुड़ी इस महंगी सरकारी भूमि की कीमत का आकलन किया जाए तो यह लाखों रुपए की संपत्ति है। ऐसे में अतिक्रमण पर रोक न लगने से सरकारी जमीन का लगातार नुकसान हो रहा है और बाजार क्षेत्र की संरचना प्रभावित हो रही है। हाल ही में इस मामले को लेकर उपमंडलाधिकारी कफोटा के न्यायालय में एक नई चुनाव याचिका भी दायर की गई है। उपमंडलाधिकारी रमन शर्मा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब यह याचिका सुनवाई के लिए अदालत में रखी जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कफोटा बाजार में हो रहे अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई कर सरकारी भूमि को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में सडक़ों और बाजार व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।