मंडी। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के हजारों पेंशनरों के धैर्य का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। वर्षों से लंबित संशोधित वेतनमान, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के एरियर का भुगतान नहीं होने से नाराज पेंशनरों ने सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। क्योंकि पेंशनरों ने छह वर्षों से अधिक समय से करोड़ों रुपए के बकाए अटके हैं। सोमवार को मंडी में आयोजित हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम, मंडी यूनिट की मासिक बैठक में पेंशनरों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बोर्ड प्रबंधन की होगी। बैठक की अध्यक्षता मंडी यूनिट के अध्यक्ष ई. राजेश बहल ने की, जबकि सचिव डीडी राणा ने मंच संचालन किया। बैठक में फोरम के प्रदेश अध्यक्ष ई. एएस गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बड़ी संख्या में पहुंचे सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने हक के लिए एकजुटता दिखाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के एरियर का भुगतान आज तक नहीं किया गया। कई पेंशनरों का कहना था कि सेवा जीवन समाप्त होने के वर्षों बाद भी उन्हें अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के बीच लंबित भुगतान ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कठिन बना दिया है। प्रदेश अध्यक्ष एएस गुप्ता, डीके ठाकुर, श्याम लाल शर्मा, सुरेश राणा, जितेंद्र वालिया, गजपाल सिंह मंडियाल और काहन सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार और बोर्ड प्रबंधन ने शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया तो पेंशनर्स फोरम प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।