Baddi. बद्दी। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला- नालागढ़) को चंडीगढ़ और शिमला से आधुनिक, तेज और सुरक्षित सडक़ संपर्क प्रदान करने की महत्त्वाकांक्षी योजना अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने चंडीगढ़-बद्दी-शिमला एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने हेतु सात करोड़ 40 लाख 96 हजार रुपए की लागत का कंसल्टेंसी टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर जारी होने के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही एक्सप्रेसवे का अंतिम अलाइनमेंटए निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की रूपरेखा तय होगी। जानकारी के अनुसार एनएचएआई मुख्यालय (नई दिल्ली) द्वारा जारी टेंडर के अनुसार यह एक ओपन टेंडर है और चयनित कंसल्टेंसी एजेंसी को परियोजना की संपूर्ण डीपीआर तैयार करने के लिए 365 दिन का समय दिया जाएगा।
इच्छुक एजेंसियां 17 अगस्त 2026 तक अपनी तकनीकी एवं वित्तीय बोलियां जमा कर सकेंगी, जबकि 18 अगस्त 2026 को तकनीकी बोलियां खोली जाएंगी। बता दें कि यह केवल एक औपचारिक रिपोर्ट नहीं होगी, बल्कि इसी डीपीआर के आधार पर पूरे एक्सप्रेसवे का स्वरूप तय होगा। रिपोर्ट में प्रस्तावित सडक़ का अंतिम रूट (अलाइनमेंट), ट्रैफिक सर्वे, भविष्य के यातायात का आकलन, भू.वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी जांच, भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता, पुलों, फ्लाईओवरों, इंटरचेंज, अंडरपास, सुरंगों और ड्रेनेज सिस्टम की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव का आकलन, वन भूमि से जुड़े पहलू, निर्माण की अनुमानित लागत, आर्थिक व्यवहार्यता तथा विस्तृत इंजीनियरिंग डिजाइन भी इसी रिपोर्ट का हिस्सा होंगे। डीपीआर के बाद ही परियोजना की अंतिम लागत तय होगी और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे न केवल बीबीएन का औद्योगिक विकास तेज होगा, बल्कि चंडीगढ़ और शिमला के बीच आर्थिक गतिविधियोंए पर्यटनए व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी। डीपीआर के लिए टेंडर जारी होना इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में पहला बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।