ED ने 2385 करोड़ की क्रिप्टो जब्त, मास्टरमाइंड पावेल स्पेन में गिरफ्तार

थाना में दर्ज

Update: 2025-10-17 16:08 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कथित फॉरेक्स फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए OctaFX से जुड़े धन और संपत्तियों पर छापे-मामलों के बाद ₹2,385 करोड़ मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस घोटाले का कथित मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव (Pavel Prozorov) स्पेन में गिरफ्तार हुआ है।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में पुणे के शिवाजी नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी से यह केस शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि OctaFX ने आरबीआई की अनुमति के बिना भारत में विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) ट्रेडिंग कराने का झांसा देकर निवेशकों से बड़े पैमाने पर ठगी की। ईडी की जांच के अनुसार, जुलाई 2022 से अप्रैल 2023 के बीच कंपनी ने भारतीय निवेशकों से लगभग ₹1,875 करोड़ शोषित किए और लगभग ₹800 करोड़ का अनुचित मुनाफा कमाया। विस्तृत जांच में पता चला कि 2019 से 2024 के बीच कंपनी ने भारत से कुल मिलाकर ₹5,000 करोड़ से अधिक का अवैध लाभ कमाया, जिसमें से अधिकांश राशि विदेशों को भेज दी गई।
ईडी ने पाया कि OctaFX का संचालन एक जटिल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए किया गया — ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड से मार्केटिंग, स्पेन से सर्वर व बैक-ऑफिस ऑपरेशन, एस्टोनिया से पेमेंट गेटवे, जॉर्जिया से तकनीकी सपोर्ट, साइप्रस में होल्डिंग कंपनी, दुबई से भारतीय ऑपरेशन और सिंगापुर के जरिए फर्जी सेवाओं का हवाला देकर धन ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी उजागर हुआ कि निवेशकों से लिये गए पेमेंट UPI और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से डमी खातों में भेजे गए और फिर अवैध चैनलों के जरिये विदेश भेजे गए—अक्सर ई-कॉमर्स ट्रांज़ैक्शन या सॉफ्टवेयर इम्पोर्ट जैसी आड़ में।
OctaFX ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए और फिर नकली ट्रेडिंग चार्ट, तकनीकी गड़बड़ियों और IB (Introducing Broker) स्कीम के जरिए बड़े पैमाने पर नए निवेशक जोड़े—यह व्यवहार पॉन्ज़ी स्कीम से मिलता-जुलता पाया गया। ईडी के मुताबिक़, गिरफ्तार पावेल प्रोजोरोव पर कई देशों में साइबर फ्रॉड और वित्तीय अपराधों के आरोप हैं और स्पेन की पुलिस उसने गिरफ्तार किया है। ED ने क्रिप्टो असेट्स की जब्ती से जुड़े उचित कानूनी और तकनीकी कदम उठाए हैं ताकि अवैध रूप से अर्जित धन का हिसाब-किताब हो सके और पीड़ित निवेशकों के हक की वसूली के लिए आगे की कार्यवाही संभव हो।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है तथा एजेंसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से और भी जुड़े आरोपियों और डमी कंपनियों की पहचान कर रही है। साथ ही बैंकिंग चैनलों, पेमेंट गेटवे और क्रिप्टो एक्सचेंजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर वसूली और जालसाज़ी के दायरे का पता लगाया जा रहा है। इस कदम को वित्तीय अपराधों व ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के खिलाफ सख्त रवैये के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे मामलों में जहाँ बिना अनुमति के फॉरेक्स जैसे संवेदनशील वित्तीय लेनदेन कराए गए हों।
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