दारोगा बनने का सपना रह गया अधूरा, दौड़ अभ्यास के दौरान थमी सांसे

गांव में पसरा मातम

Update: 2026-07-28 07:48 GMT
Nawada. नवादा। बिहार के नवादा जिले से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां दारोगा बनने का सपना संजोए एक 23 वर्षीय युवक की शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान अचानक मौत हो गई। मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे इस होनहार युवक की जिंदगी उस समय थम गई, जब वह अपने सपने को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच चुका था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मामला नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत कलौन्दा चातर गांव का है। गांव निवासी सहदेव दास के बड़े बेटे चंदन कुमार ने अपनी मेहनत के दम पर पुलिस भर्ती की तैयारी में सफलता हासिल की थी। चंदन ने दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली थी और अब उसे शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करनी थी। इसके अलावा उसका चयन रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में भी हो चुका था। सरकारी नौकरी का सपना पूरा होने की उम्मीद से परिवार और गांव के लोग काफी खुश थे।

परिजनों के मुताबिक, चंदन पिछले कुछ समय से लगातार अपनी तैयारी में जुटा हुआ था। वह पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। करीब दस दिन पहले उसने एक शारीरिक प्रशिक्षण अकादमी में दाखिला लिया था, जहां वह नियमित रूप से दौड़, व्यायाम और अन्य फिजिकल अभ्यास करता था। उसका लक्ष्य था कि वह शारीरिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पुलिस की वर्दी पहनने का अपना सपना पूरा करे। सोमवार को भी चंदन रोज की तरह प्रशिक्षण के लिए पहुंचा था। अभ्यास के दौरान जब वह दौड़ लगा रहा था, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते वह मैदान में बेहोश होकर गिर पड़ा। वहां मौजूद अन्य प्रशिक्षुओं और साथियों ने तुरंत उसे संभाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

चंदन की अचानक मौत की खबर सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस बेटे को माता-पिता अपनी आंखों के सामने सफलता की सीढ़ियां चढ़ते देखना चाहते थे, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। सूचना मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग चंदन के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। चंदन के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद मेहनती और अनुशासित युवक था। वह हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहता था और घंटों पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक तैयारी करता था। उसके मन में देश और समाज की सेवा करने का सपना था। दोस्त सुमित कुमार ने बताया कि चंदन का सपना पुलिस विभाग में जाकर लोगों की सेवा करना था। वह अपने व्यवहार और मेहनत के कारण सभी के बीच काफी लोकप्रिय था।

चंदन के परिवार के लिए यह दुख और भी बड़ा है क्योंकि उनका छोटा बेटा वर्तमान में अग्निवीर के रूप में देश की सेवा कर रहा है। बड़े भाई की अचानक मौत की खबर मिलने के बाद उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता अपने बेटे को खोने के गम में बेसुध हैं। परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा कि जो बेटा कुछ समय बाद वर्दी में नजर आने वाला था, वह अब उनके बीच नहीं है। गांव के लोगों का कहना है कि चंदन एक होनहार और मेहनती युवक था। उसने अपने संघर्ष और मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। उसकी मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार और समाज के लिए बेहद पीड़ादायक होती हैं।

फिलहाल चंदन की मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हुई है। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में गहरा दुख है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। यह घटना उन हजारों युवाओं के संघर्ष की याद दिलाती है, जो सरकारी नौकरी का सपना पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। चंदन भी उन्हीं युवाओं में शामिल था, जिसने अपनी मेहनत से सफलता हासिल की थी, लेकिन किस्मत ने उसे मंजिल तक पहुंचने से पहले ही छीन लिया। नवादा के कलौन्दा चातर गांव में आज हर आंख नम है और लोग चंदन को याद कर रहे हैं।
Tags:    

Similar News