शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग ने मुख्यमंत्री शहरी कारोबारी कल्याण नियम, 2026 का प्रारूप जारी कर दिया है। इन नियमों के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों द्वारा निर्मित दुकानों और स्टालों को लंबे समय के लिए लीज पर देने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने इन प्रारूप नियमों को सार्वजनिक किया है और इनके संबंध में आम जनता, दुकानदारों तथा अन्य हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। ये नियम उन दुकानों, स्टालों, मकानों और तहबाजारी पर दी गई संपत्तियों पर लागू होंगे, जिनका किराया या लाइसेंस शुल्क नगर निकायों को दिया जाता है और जो 10 वर्ष या उससे अधिक समय से किसी व्यक्ति या संस्था के कब्जे में हैं।
सरकार आवश्यकता पडऩे पर अन्य श्रेणियों की संपत्तियों पर भी इन नियमों को लागू कर सकेगी। नियमों के अनुसार नगर निकायों की नई दुकानों और स्टालों का पट्टा सार्वजनिक या ई-नीलामी से तय होगा। हालांकि जिन दुकानदारों या आबंटियों को पहले से दुकानें आबंटित हैं, उन्हें बिना नीलामी के 40 वर्ष की अवधि के लिए लीज देने का प्रस्ताव किया जा सकेगा। इसके लिए किराए का कोई बकाया नहीं होना चाहिए और संबंधित व्यक्ति को निर्धारित लीज राशि स्वीकार करनी होगी। दुकानों और स्टालों के किराए की गणना प्रचलित सर्कल रेट के 10 प्रतिशत के आधार पर की जाएगी। यदि वर्तमान में किराया इस गणना से अधिक है, तो दुकानदार को वही पुराना किराया देना होगा। वहीं, यदि नई गणना में किराया कम बनता है तो उसे संशोधित कम किराया देने का लाभ मिलेगा। सरकार ने कुल 40 वर्ष की लीज अवधि प्रस्तावित की है, जिसे आगे 40 वर्ष और बढ़ाने का भी प्रावधान रखा गया है। एकमुश्त भुगतान करने वाले दुकानदारों को विशेष छूट मिलेगी।
नियमों के तहत सभी आवेदन, दावे और आपत्तियां एक साझा वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जाएंगी। आवेदन सार्वजनिक रूप से पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा ताकि कोई भी व्यक्ति 30 दिनों के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सके। जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सक्षम प्राधिकारी आवेदन पर अंतिम निर्णय लेगा। सरकार ने ऐसे लोगों को भी राहत देने का प्रस्ताव रखा है, जो10 वर्षों या उससे अधिक समय से दुकान या स्टाल पर कब्जे में हैं, लेकिन उनके पास वैध समझौता नहीं है। ऐसे लोगों को भी निर्धारित शर्तों के तहत लीज का लाभ दिया जा सकेगा। हालांकि 10 वर्ष से कम समय से कब्जे में रहने वाले व्यक्तियों को यह लाभ नहीं मिलेगा। नियमों के अनुसार 40 वर्ष की पूरी राशि एक साथ जमा करने पर 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 वर्ष की राशि एकमुश्त जमा करने पर 15 प्रतिशत छूट और 20 वर्ष की राशि एकमुश्त जमा करने पर 10 प्रतिशत छूट, 10 वर्ष की राशि एकमुश्त जमा करने पर पांच प्रतिशत छूट मिलेगी।