Bagalkot बागलकोट। कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल शहर में 3 नवंबर को एक कुत्ते ने एक ही दिन में 25 लोगों को काट लिया था। अगले दिन नगर पालिका की टीम ने कुत्ते को पकड़ लिया था, लेकिन कुत्ते के काटने से घायल हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारी रफीक वालीकर (38) की गुरुवार को हुबली के एक अस्पताल में मौत हो गई। रफीक को उस समय कुत्ते ने काटा था जब वे ड्यूटी पर थे। शुरू में उन्हें मामूली चोट समझकर सामान्य इलाज कराया गया, लेकिन 20 दिन बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें तुरंत हुबली के केआईएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रेबीज (कुत्ते का जहर) की पुष्टि की। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार खराब होती गई और गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
रफीक की मौत की खबर जैसे ही इलकल शहर में फैली, उन बाकी 24 लोगों में दहशत फैल गई, जिन्हें उसी कुत्ते ने काटा था। इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। एक बच्चे के होंठ पर गहरा काटा गया था, जिससे होंठ फट गया था। बच्चे की मां अभी डरी-सहमी हुई है और रोज अस्पताल के चक्कर काट रही है। स्वास्थ्य विभाग अब हरकत में आया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सभी 24 घायलों को तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी डोज दी जा रही है। जिन लोगों ने पहले सिर्फ एक-दो इंजेक्शन लिए थे, उन्हें फिर से पूरा कोर्स करवाने को कहा गया है। साथ ही सभी को रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन भी लगाया जा रहा है।
नगर पालिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि पकड़े गए कुत्ते की लैब जांच रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं आई। लोगों का कहना है कि अगर जल्दी पता चल जाता कि कुत्ता सच में पागल था, तो रफीक की जान शायद बच जाती। इलकल शहर में फिलहाल माहौल गम और डर का है। रफीक के परिवार वाले सदमे में हैं, जबकि बाकी घायल परिवार रोज अस्पताल पहुंचकर अपनी और अपने बच्चों की जान की दुआ मांग रहे हैं।