डॉक्टर के साथ ढाई करोड़ की ठगी, डिजिटल अरेस्ट का शिकार

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Update: 2026-02-25 02:03 GMT

एमपी। ग्वालियर में 90 वर्षीय रिटायर्ड एयर फोर्स डॉक्टर के साथ बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि उन्हें करीब 25 दिन तक डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल बनाकर लगभग 2.5 करोड़ रुपये ठग लिए गए. शिकायत के अनुसार, 25 जनवरी को डॉक्टर को एक फोन कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को एक जांच एजेंसी से जुड़ा बताया. उसने कहा कि डॉक्टर के दस्तावेज अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हुए हैं और उन्हें गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई की धमकी दी.

ठगों ने 'ऑनलाइन निगरानी' की प्रक्रिया का बहाना बनाकर डॉक्टर को लगातार वीडियो कॉल और संपर्क में रखा. उन्होंने ऐसा माहौल बनाया कि डॉक्टर को लगा वह किसी ऑफिसियल प्रोसेस से गुजर रहे हैं. गोपनीयता और कानूनी परिणामों का हवाला देकर उन्हें परिवार को कुछ भी न बताने के लिए कहा गया.

आरोप है कि उम्र और अकेलेपन का फायदा उठाकर आरोपियों ने लगातार मानसिक दबाव बनाया और धीरे-धीरे अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली. करीब 25 दिनों में लगभग 2.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए. मामला तब सामने आया जब बैंक अधिकारियों ने असामान्य रूप से बड़े लेनदेन को फ्लैग किया. बैंक मैनेजर ने जब इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने की वजह पूछी तो नारायण महादेव ने पूरी बात बताई और उन्हें समझ आया कि वह साइबर अपराधियों के शिकार हो गए हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 90 वर्षीय रिटायर्ड एयर फोर्स अधिकारी को 25 जनवरी को कॉल आया था. कॉलर ने अलग-अलग एजेंसियों का नाम लेकर उन्हें डराया और कहा कि उनके दस्तावेज से बड़ा फ्रॉड हुआ है. इसके बाद उनके खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई. बैंक मैनेजर के सवाल उठाने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.


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