नई दिल्ली: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। यात्रा के दौरान उन्होंने चंदा चोरी, वोट चोरी और EVM से चुनाव कराने जैसे मुद्दे उठाए। करीब 950 किलोमीटर लंबी यह यात्रा लगभग 70 दिनों में अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचेगी। दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म मानने वालों के स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है।
दूसरे दिन भी जारी रही दिग्विजय सिंह की यात्रा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह करीब 10 बजे तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से यात्रा शुरू हुई। इस दौरान दिग्विजय सिंह समर्थकों के साथ पैदल चलते नजर आए और उनके हाथ में डंडा भी था।
यात्रा के दौरान उन्होंने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे उठाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि चंदा चोरी करने वालों को बचाने के बजाय उन्हें पकड़कर जेल भेजना चाहिए। उन्होंने EVM से चुनाव कराने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन नहीं चाहिए और चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।
करीब 950 किलोमीटर का सफर, 70 दिन में अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य
यह यात्रा लगभग 950 किलोमीटर लंबी है और इसके करीब 70 दिनों में अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंचने की योजना है। दूसरे दिन यात्रा को पिंगलेश्वर जोड़, नहारिया जोड़, सायराखेड़ी और देवनखेड़ी से होते हुए ताजपुर जोड़ तक जाना था। ताजपुर जोड़ पर भोजन और आराम के बाद यात्रा आगे बढ़ने का कार्यक्रम था। शाम को देवास जिले के सिंदूरिया गांव में रुकने की योजना बनाई गई थी। यात्रा के साथ एक रथ भी चल रहा है और अलग-अलग जगहों पर समर्थक इसमें शामिल हो रहे हैं।
दिग्विजय बोले- शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा
दिग्विजय सिंह ने बातचीत के दौरान अपनी यात्रा को शिव धाम से राम धाम तक का सफर बताया। इस दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ ‘बम-बम भोले’ का उद्घोष किया। जवाब में समर्थकों ने ‘जय सियाराम’ के नारे लगाए।
उन्होंने कहा कि सनातनी परंपरा में सीता जी का अपमान नहीं किया जाता। यात्रा को लेकर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया, जिन्हें हर्षानंद गिरि के नाम से भी जाना जाता है, ने टिप्पणी की थी। उनका कहना था कि राम मंदिर बनने के समय वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे पर सवाल उठाने में नजर आ रहा है। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें छोड़ दीजिए, वह उन्हें जानते भी नहीं हैं।
अमृता राय ने बताया स्वाभिमान से जुड़ा अभियान
दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने यात्रा को हर धर्म के व्यक्ति के स्वाभिमान को जगाने वाला अभियान बताया। उनके अनुसार, चढ़ावे की चोरी और धर्म के नाम पर धोखाधड़ी से सनातन धर्म मानने वाले लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। यात्रा के जरिए इन्हीं मुद्दों को उठाने की कोशिश की जा रही है।
यात्रा के प्रभारी चंदर सिंह सोंधिया ने बताया कि इसमें लगातार साथ चलने के लिए अब तक करीब तीन हजार लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा हजारों लोग अलग-अलग जगहों पर यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सनातन की सही व्याख्या और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है।
चंदे में गड़बड़ी के आरोप और न्याय की मांग
दिग्विजय सिंह ने यात्रा की शुरुआत में कहा था कि इसका उद्देश्य सनातन धर्म के नाम पर चुनाव लड़ने और चंदा जुटाने में कथित गड़बड़ियों को लेकर लोगों तक अपनी बात पहुंचाना है।
उन्होंने राम जन्मभूमि के लिए जुटाए गए चंदे में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। यात्रा के दौरान वोट चोरी और नोट चोरी के मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। इसके तहत पर्चे बांटने और राष्ट्रपति के नाम रिपोर्ट पेश करने की बात कही गई है।
दिग्विजय सिंह का कहना है कि यात्रा किसी के राजनीतिक इस्तेमाल के लिए नहीं निकाली जा रही, बल्कि लोगों के सामने अपनी बात रखने और न्याय की मांग करने के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी गैरमौजूदगी में यात्रा से जुड़े संवाद की जिम्मेदारी अमृता राय संभालेंगी। उन्होंने अमृता राय को अपना प्रवक्ता और योगेंद्र परिहार को सह-प्रवक्ता बताया है।
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