DG CISF प्रवीर रंजन ने उरी UHEP-I में सुरक्षा समीक्षा की
आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की जानकारी दी
Delhi दिल्ली। DG CISF, आईपीएस प्रवीर रंजन ने हाल ही में उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (UHEP-I) में CISF यूनिट का दौरा किया, जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं और ऑपरेशनल तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा उपायों, निगरानी प्रणालियों और संकट प्रबंधन के तंत्र की समीक्षा की। प्रवीर रंजन ने सैनिक सम्मेलन (Sainik Sammelan) को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने CISF कर्मियों की निष्ठा, समर्पण और पेशेवर रवैये की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक और पर्वतीय क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बल ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन उत्कृष्टता के साथ किया है।
DG CISF ने विशेष रूप से Operation Sindoor के दौरान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और वहां के कर्मियों की बहादुरी और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील और कठिन इलाके में सुरक्षा बनाए रखना न केवल साहसिक कार्य है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ है। इस दौरे के दौरान उन्होंने सुरक्षा उपकरणों, आधुनिक निगरानी तकनीक और संकट प्रबंधन तंत्र का भी जायजा लिया। अधिकारियों और जवानों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी तत्परता और दक्षता परियोजना की सुरक्षा और सतत संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
CISF के अधिकारियों ने DG CISF को परियोजना क्षेत्र के सुरक्षा ढांचे, निगरानी कैमरा नेटवर्क और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी सुरक्षा बल की तत्परता सुनिश्चित की जाती है। DG CISF ने जवानों को उनके साहस, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल न केवल परियोजना सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय और परियोजना कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं।
इस दौरे का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि जवानों के मनोबल को ऊंचा करना और सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाना भी था। प्रवीर रंजन ने इस दौरान कहा कि भारतीय सुरक्षा बल हमेशा देश की सेवा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेंगे।