जानकारी के मुताबिक बिजनौर जिले के फतेहपुर कला गांव निवासी मनीष गंगा में स्नान के दौरान डूबने लगा. उसे बचाने के लिए उसके साथी राजन ने गंगा में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों गहरे पानी में फंस गए। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां राजन की मौत हो गई, जबकि मनीष की हालत गंभीर बनी हुई है. इसी दौरान दूसरे हादसे में बागपत जिले के बिजवाड़ा गांव निवासी हिमांशु गंगा में नहाते समय डूब गया. काफी तलाश के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. तीसरी घटना में बिजनौर जिले के नगला गांव की 10 वर्षीय रागिनी गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में चली गई और डूबने से उसकी भी मौत हो गई.
घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. बताया जा रहा है कि रविवार को शुक्रताल में एक बड़े सत्संग का आयोजन था, जिसके चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी. हालांकि, इस संबंध में भोपा क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने स्पष्ट किया कि इन हादसों का सत्संग से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि तीनों मौतें गंगा में स्नान के दौरान डूबने से हुई हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है. घायल मनीष के परिजन ने बताया कि बिजनौर के फतेहपुर कला से कई लोग शुक्रताल स्नान के लिए आए थे. हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि मनीष का इलाज जारी है. वहीं अन्य दो मृतकों के शव भी पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं.