नोएडा के सेक्टर 93 में निर्माणाधीन सुपरटेक एमराल्ड ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण का काम सोमवार से शुरू हो गया. अवैध तरीके से बनी 40 मंजिल की इन दोनों इमारतों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार से ढहाने का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है. सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत बन रही इन दोनों इमारतों के निर्माण में कई नियमों की अनदेखी हुई. इमारत में कुल 9 मंजिल बननी थी मगर बिल्डर्स ने 40 मंजिल की दो इमारतें तैयार कर दीं.

ट्विन टावर की दोनों इमारतों के बीच नियमानुसार सुरक्षित दूरी नहीं रखी गई. नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमों का पालन नहीं किया गया. लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों इमारतों को पिछले साल अगस्त में गिराने का आदेश दिया. जनवरी में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का काम शुरू न करने को लेकर सुपरटेक बिल्डरों को कड़ी फटकार लगाई और आदेश दिया कि खरीदारों को उनका पैसा फरवरी तक लौटाया जाए वरना जेल भेज दिया जाएगा.
इस ट्विन टावर के आसपास सोसाइटी में रहने वाले लोग इस बात से चिंतित हैं कि बिल्डिंग गिराए जाने का असर उनके घरों पर भी होगा. विस्फोटक के जरिये बिल्डिंग गिराई जाएगी जिससे आसपास रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इन इमारतों को गिराने के लिए सही तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आसपास के लोगों को इसका नुकसान न झेलना पड़े.
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