Gwalior. ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन चैंबर के गड्ढे में गिरने से युवक की मौत मामले में पुलिस ने इनविराड कंपनी को जिम्मेदार माना है। कंपनी के दो इंजीनियरों और एक सुपरवाइजर को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 7 दिनों तक चली पुलिस जांच के दौरान कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से युवक की मौत का दोषी माना है। दरअसल, बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर रोड पर नगर निगम ने सीवर चैंबर बनाने का ठेका इनविराड कंपनी दिया था। कंपनी ने 27 जुलाई को सीवर चैंबर बनाया था। देर रात शाहिद अफरीदी अपने तीन दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। उनका स्कूटर चैंबर के गड्ढे में जा गिरा था। इसमें शाहिद की मौत हो गई थी और मोहसिन घायल हो गया था। तीसरे साथी को हल्की चोटें आई थी। इस पर जनाक्रोश भड़का था और सड़क पर जाम लगाया गया था। तब निगम अधिकारियों ने जिम्मेदार पर
FIR
कराने का आश्वासन दिया था।


शाहिद की मौत के मामले में परिजन इनविराड कंपनी, इंजीनियरों और निगम के कार्यपालन यंत्री आरके शुक्ला, प्रभारी उपयंत्री संदीप श्रीवास्तव और प्रभारी सहायक यंत्री रामसेवक शाक्य पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने इसमें निगम अधिकारियों की गलती नहीं मानी है। सिर्फ कंपनी के दो इंजीनियरों और एक सुपरवाइजर को ही जिम्मेदार माना है। जिसमें इंजीनियर शहनबाज खान, प्रदीप सिकरवार और सुपरवाइजर निशांत श्रीवास्तव के नाम हैं। जांच में निगम और कंपनी के अधिकारियों ने सड़क पर चैंबर बनाते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी। वहां न तो बैरिकेड्स लगाए थे और न ही सावधान करने के लिए कोई साइन बोर्ड था। रात के अंधेरे में वहां से निकलते समय स्कूटर चला रहे शाहिद को गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह उसमें जा गिर गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। फिलहाल, पुलिस ने अभी जांच में इन तीनों को दोषी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता के नए कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
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