Delhi दिल्ली: सरकार की ओर से कहा गया है कि अब तक जिस स्पीड और स्केल पर देश में विकास कार्य किए गए हैं, उसे और अधिक व्यापक और तेज करने की आवश्यकता है ताकि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सके। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि भारत को आने वाले वर्षों में अपनी विकास गति को और बढ़ाना होगा, ताकि वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में केवल भागीदार ही नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा सके।
बयान में यह भी कहा गया कि पिछले वर्षों में देश ने आधारभूत ढांचे, डिजिटल सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन उपलब्धियों ने विकास की मजबूत नींव तैयार की है, जिसे अब अगले चरण में और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता है। सरकार के अनुसार, 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन दोनों स्तरों पर गति और दक्षता को और बेहतर किया जाए। इससे न केवल विकास परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, बल्कि उनका प्रभाव भी व्यापक स्तर पर दिखाई देगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान रफ्तार को और मजबूत किया जाता है तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और तेजी से उभर सकता है। बयान में यह भी कहा गया कि “दुनिया से एक कदम आगे” रहने के लिए नवाचार, तकनीक और निवेश को और अधिक प्रोत्साहित करना होगा, साथ ही राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी है। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
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