Patlikuhal. पतलीकूहल। ग्राम पंचायत हलाण-2 के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे भू-कटाव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए विलखी ढांक से वैली सुजानपुल होते हुए पतलीकूहल पुलिस थाना तक सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग उठाई है। इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की अपील की। ज्ञापन में पंचायत के प्रधानए उपप्रधानए वार्ड सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 के मानसून सीजन के दौरान बड़ाग्रां नाले में आई भीषण बाढ़ ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लगातार आई बाढ़ के कारण नाले का बहाव अपनी मूल दिशा से हटकर पंनगा रोड जैंडी-खनेड़ की ओर मुड़ गया, जिससे भारी भूमि कटाव हुआ और सडक़ का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण कई किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि नाले की भेंट चढ़ चुकी है। जो भूमि बची हुई है, वह भी कटाव की जद में आने के कारण खेती योग्य नहीं रह गई है। इससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र, रमेश, संजय, कमल, ललित, शनि, नीरू चांदनी, लाजवंती, सोनम, रानू, ऋषि, कपिल, नीरज, नोरबू, वीरू, आर्यन, शिवा, आयुष, अर्जुन, पदम ठाकुर और संजू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते नाले की दिशा को नियंत्रित करने और सुरक्षा उपाय करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि बड़ाग्रां नाले का बढ़ता बहाव भविष्य में पतलीकूहल पुलिस थानाए आसपास की आबादी तथा पूरे बाजार क्षेत्र के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछली बाढ़ के दौरान मत्स्य पालन विभाग का केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुआ थाए जिससे सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। ऐसे में केवल कृषि भूमि ही नहीं बल्कि सार्वजनिक ढांचे भी खतरे की जद में हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि कृषि एवं मत्स्य पालन विभाग संयुक्त रूप से योजना बनाकर विलखी ढांक से पतलीकूहल तक मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाएं, ताकि नाले के कटाव को रोका जा सके और लोगों की भूमि, घरों, सडक़ों तथा सरकारी संस्थानों को सुरक्षित रखा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा दीवार का निर्माण केवल विकास कार्य नहीं बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा अत्यंत आवश्यक कदम है। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।