जागरूक नागरिक और समर्पित चिकित्सक ही बनाते हैं स्वस्थ समाज की पहचान

Update: 2026-07-02 11:08 GMT
TMC. टीएमसी। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) धर्मशाला ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्वास्थ्य जागरूकता, निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े अपने विभिन्न कार्यक्रमों को प्रमुखता से रेखांकित किया। आईएमए धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि आज के समय में डॉक्टरों की भूमिका केवल बीमारियों का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, रोगों की समय पर पहचान कराने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की भी है। उन्होंने कहा कि यदि लोग स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी रखें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें, तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
इसी उद्देश्य से आईएमए लगातार जनहित के कई कार्यक्रम चला रहा है। वर्ष 2026 में शुरू की गई ‘मातृ-पितृ सेवा’ ओपीडी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही आईएमए के सशक्त चिकित्सक नेटवर्क के माध्यम से जल्द ही घर पर ही सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी लागू की जा रही है, जिससे वृद्धजनों को अनावश्यक अस्पताल आने-जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। आईएमए भवन धर्मशाला में प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाली ओपीडी भी आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इसमें विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देकर मरीजों का परीक्षण, परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराते हैं। इस पहल से अब तक सैकड़ों मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।
आईएमए समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, रक्तदान शिविर, जनस्वास्थ्य जागरूकता अभियान, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवसों पर कार्यक्रम, योग दिवस आयोजन तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, बाल स्वास्थ्य, जीवनशैली संबंधी रोगों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता अभियान भी आयोजित करता रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को बीमार होने के बाद नहीं, बल्कि पहले से ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना है। सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ आईएमए धर्मशाला चिकित्सकों के सतत प्रशिक्षण और चिकित्सा शिक्षा को भी समान महत्व देता है। संस्था नियमित रूप से कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई), कार्यशालाओं एवं वैज्ञानिक संगोष्ठियों का आयोजन कर चिकित्सकों को चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम जानकारियों से अवगत कराती है, जिससे मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार मिल सके।
डॉक्टर्स डे के अवसर पर सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि डॉक्टर और समाज का संबंध केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास, सेवा और मानवता पर आधारित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, स्वयं दवा लेने से बचें तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर योग्य चिकित्सक से समय पर परामर्श अवश्य लें। आईएमए धर्मशाला ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी संस्था जनसेवा, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देती रहेगी।
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