Delhi दिल्ली। कांग्रेस नेता उदित राज को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उदित राज ने दावा किया कि वह आरएसएस मुख्यालय ‘केशव कुंज’ के बाहर मनुस्मृति जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह प्रदर्शन राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े विवाद के विरोध में किया गया। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के संगठन ‘असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस’ की ओर से यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व उदित राज कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मनुस्मृति की प्रतियां और आरएसएस की ड्रेस जलाकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उदित राज और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद उदित राज ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज दबाई जा रही है। उदित राज ने कहा कि देश संविधान के आधार पर चलता है और सामाजिक समानता, सम्मान तथा न्याय के मूल्यों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में जाति के आधार पर भेदभाव की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा सभा स्थल का कथित शुद्धिकरण कराया गया था। उन्होंने कहा कि इस घटना के खिलाफ राहुल गांधी ने आवाज उठाई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन इसके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया। उदित राज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जाति के आधार पर अपमान पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने इसे संविधान में दिए गए समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि देश मनुस्मृति से नहीं बल्कि संविधान से चलेगा। इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं, पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने को लेकर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
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