तिरुवनंतपुरम। केरल में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। अंगमाली के मूक्कन्नूर निवासी कारोबारी जोस ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम यानी KSRTC को नई बस खरीदने के लिए 40 लाख रुपये दान दिए हैं। केरल सरकार के मुताबिक KSRTC के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी निजी व्यक्ति ने निगम के लिए बस खरीदने के उद्देश्य से इतनी राशि दी है।बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के चैंबर में आयोजित एक सादे समारोह में जोस ने 40 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री वीडी सतीसन को सौंपा। इस दौरान परिवहन मंत्री सीपी जॉन, उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन और KSRTC के CMD डॉ. पीएस प्रमोज शंकर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में अन्य लोग और संस्थाएं भी KSRTC को मजबूत करने के लिए आगे आएंगी।मुख्यमंत्री ने जोस से प्राप्त चेक परिवहन मंत्री सीपी जॉन को सौंप दिया। बाद में परिवहन मंत्री ने इसे KSRTC के CMD डॉ. पीएस प्रमोज शंकर को सौंपा। इस रकम का इस्तेमाल निगम के लिए नई बस खरीदने में किया जाएगा।
जोस अंगमाली में हीमैन ऑटो रोबो पार्क नाम की कंपनी चलाते हैं। सरकार की ओर से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों और संस्थाओं से सहयोग की अपील किए जाने के बाद उन्होंने KSRTC को एक बस उपलब्ध कराने का फैसला किया। उन्होंने सबसे पहले अपने फैसले की जानकारी अंगमाली क्षेत्र से जुड़े मंत्री रोजी एम जॉन को दी थी।इसके बाद रोजी एम जॉन ने परिवहन मंत्री सीपी जॉन से इस संबंध में बातचीत की। बातचीत आगे बढ़ने के बाद जोस ने नई बस के लिए आवश्यक 40 लाख रुपये देने पर सहमति जताई और बुधवार को मुख्यमंत्री को चेक सौंप दिया।
जोस ने इस आर्थिक सहयोग के साथ एक प्रमुख अनुरोध भी रखा है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली बस का संचालन अंगमाली डिपो से किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अथिराप्पिल्ली पर्यटन क्षेत्र को दक्षिण केरल से जोड़ने वाला मार्ग शुरू करने का भी अनुरोध किया। परिवहन मंत्री ने इस प्रस्ताव के अनुसार बस सेवा संचालित करने का आश्वासन दिया है।अथिराप्पिल्ली केरल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में अंगमाली डिपो से इस क्षेत्र को दक्षिण केरल से जोड़ने वाली बस सेवा स्थानीय यात्रियों के साथ पर्यटकों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। हालांकि बस के अंतिम रूट और संचालन से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था KSRTC द्वारा तय की जाएगी।
जोस की पहल को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि KSRTC के लिए किसी व्यक्ति द्वारा सीधे बस खरीदने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता देने का यह पहला मामला बताया गया है। इससे पहले कालीकट सिटी को-ऑपरेटिव बैंक ने भी KSRTC के लिए बस खरीदने को आर्थिक सहयोग दिया था, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह का योगदान पहली बार सामने आया है।परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने कहा कि कालीकट सिटी को-ऑपरेटिव बैंक के सहयोग के बाद उम्मीद थी कि इस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए अन्य लोग और संस्थाएं भी सामने आएंगी। अब जोस के योगदान के बाद सरकार को उम्मीद है कि सार्वजनिक परिवहन के लिए निजी और संस्थागत सहयोग का दायरा बढ़ सकता है।
दरअसल केरल सरकार अपनी 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत KSRTC को बसें प्रायोजित करने का अवसर दे रही है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बेहतर करना और निगम के बेड़े को मजबूत करने में अलग-अलग क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाना है।सरकार की इस योजना के तहत स्थानीय स्वशासन संस्थाएं, सहकारी संस्थाएं, कंपनियां, ट्रस्ट, स्वयंसेवी संगठन और अन्य संस्थाएं बस उपलब्ध कराने के लिए योगदान कर सकती हैं। कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR फंड का इस्तेमाल भी इस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा व्यक्तिगत स्तर पर भी लोग सहयोग कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि इस तरह के सहयोग से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के विस्तार में मदद मिल सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में नई सेवाएं शुरू करने या बसों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है जहां यात्रियों की मांग अधिक है।KSRTC केरल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य के शहरों से लेकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक बड़ी संख्या में यात्री इसकी बस सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में बेड़े में नई बसों को शामिल करना यात्रियों की सुविधा और सेवाओं की उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
जोस की पहल व्यक्तिगत स्तर पर सार्वजनिक परिवहन के लिए आर्थिक सहयोग का एक नया उदाहरण बन गई है। 40 लाख रुपये की राशि सीधे नई बस खरीदने के लिए दी गई है और उनकी इच्छा है कि इस बस का लाभ अंगमाली क्षेत्र के यात्रियों को भी मिले।मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने इस योगदान को अच्छी शुरुआत बताते हुए उम्मीद जताई कि अन्य लोग और संस्थाएं भी आगे आएंगी। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने भी जोस के फैसले को अनुकरणीय बताया।
अब KSRTC की ओर से 40 लाख रुपये की इस राशि से नई बस खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार और परिवहन विभाग के अनुसार बस को अंगमाली डिपो से संचालित किया जाएगा। अथिराप्पिल्ली पर्यटन क्षेत्र को दक्षिण केरल से जोड़ने वाले प्रस्तावित मार्ग को लेकर भी परिवहन मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।एक निजी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक परिवहन के लिए 40 लाख रुपये का योगदान केरल में चर्चा का विषय बन गया है। KSRTC के इतिहास में व्यक्तिगत स्तर पर पहली बार सामने आई इस पहल को सरकार अब अन्य लोगों और संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने के उदाहरण के रूप में देख रही है।