New Delhi नई दिल्ली; कांग्रेस ने मणिपुर में पिछले दो वर्षों से जारी जातीय हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक राज्य की स्थिति को नजरअंदाज किया है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह इस हालात को संभालने में विफल रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने बताया कि मई 2023 में मणिपुर में शुरू हुई हिंसा के बाद संविधान व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने 20 महीने बाद यानी फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लागू किया। इस दौरान राज्य में 220 से अधिक लोगों की मौत हुई और 60,000 से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में जीवन यापन कर रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि न तो कोई सार्थक समाधान प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही प्रधानमंत्री ने राज्य का दौरा किया है।