मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया के माध्यम से संबोधित करते हुए एक व्यक्ति ने मुरादाबाद के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 से उन्हें प्रशासनिक स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या अधिकारियों ने कभी शिकायत करने वाले लोगों को फोन करके पूछा है कि उनकी समस्या का वास्तव में समाधान हुआ या नहीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा कि अधिकारी कुर्सी पर बैठकर आदेश तो देते हैं, लेकिन शिकायतों के वास्तविक निस्तारण की जानकारी लेने का प्रयास नहीं करते। व्यक्ति ने सवाल उठाया कि क्या कभी किसी शिकायतकर्ता को फोन करके यह पूछा गया कि उसकी शिकायत का समाधान हुआ है या नहीं। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिकायतकर्ता ने अपने संदेश में मुरादाबाद के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से उन्हें किसी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर ईमानदार और संतोषजनक कार्रवाई का अनुभव नहीं हुआ। हालांकि, यह शिकायतकर्ता का व्यक्तिगत आरोप है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस संदेश में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिकायत का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। इस मामले में शिकायतकर्ता ने किन विभागों में शिकायतें दर्ज कराई थीं, शिकायतों का विषय क्या था और संबंधित अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है, इसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
उत्तर प्रदेश में जनसमस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर शिकायत निस्तारण की व्यवस्था संचालित है। ऐसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। शिकायतकर्ता के संदेश से यह सवाल सामने आता है कि शिकायतों के निस्तारण के बाद नागरिकों से प्रतिक्रिया लेने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। हालांकि, किसी विशेष शिकायत में प्रशासनिक लापरवाही हुई है या नहीं, यह संबंधित अभिलेखों और तथ्यों की जांच से ही स्पष्ट हो सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुरादाबाद मंडलायुक्त, जिलाधिकारी या पुलिस प्रशासन की ओर से इस सोशल मीडिया पोस्ट पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं मिली है।