Shimla. शिमला। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संजौली-भटाकुफर-ढली क्षेत्र में निर्माणाधीन भूमिगत टनल से भवनों में आई दरारों के मामले की समीक्षा की। बैठक में फोरलेन कंपनियों द्वारा प्रशासन के निर्देशों की अनुपालना न करने पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि टनल की ब्लास्टिंग से आवासीय भवनों में दरारें आने के कारण निर्माण कार्य बंद है। प्रभावित क्षेत्र और क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए आईआईटी रुडक़ी की टीम नियुक्त की गई है। टीम टनल और आसपास के क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। वह एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके आधार पर निर्माण कार्य को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। बैठक में समिति के प्रतिनिधियों ने फोरलेन कंपनी पर चोरी-छिपे टनल निर्माण करने का आरोप भी लगाया। इस पर उपायुक्त ने दोनों अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इसमें एसडीएम शिमला ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग के कसुम्पटी वृत्त के अधिशासी अभियंता और तहसीलदार शिमला ग्रामीण शामिल हैं। कमेटी 22 अक्टूबर को निरीक्षण कर निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेगी। बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।