राजगढ़: राजगढ़ जिले के ब्यावरा में अजनार नदी को अकेले साफ करने वाले 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू की पहल अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने बिट्टू से मुलाकात कर उनके प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिट्टू ने सिर्फ नदी की सफाई नहीं की, बल्कि यह भी दिखाया कि किसी बदलाव की शुरुआत के लिए बड़ी भीड़ नहीं, बल्कि एक सच्ची और मजबूत पहल जरूरी होती है।
CM यादव ने बिट्टू के प्रयास को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब एक युवा अकेले नदी को बचाने का संकल्प ले सकता है, तो सामूहिक प्रयास से जल स्रोतों को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने अजनार नदी की सफाई को मध्य प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान की भावना से भी जोड़ा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, उनका पुनर्जीवन और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अजनार नदी की सफाई अब सिर्फ बिट्टू के व्यक्तिगत प्रयास की पहचान नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह ब्यावरा और प्रदेश के युवाओं के संकल्प से जुड़ी पहल बननी चाहिए।
कभी इलाके की जीवनरेखा थी अजनार नदी
राजगढ़ जिले के आंदलहेड़ा गांव से निकलने वाली अजनार नदी कभी स्थानीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण थी। इसका पानी पीने और सिंचाई के काम आता था। लेकिन समय के साथ बढ़ती आबादी और लापरवाही के कारण नदी की स्थिति बिगड़ती चली गई।
नदी में प्लास्टिक, जलकुंभी और सड़ा हुआ कचरा जमा हो गया था। हालात इतने खराब हो गए थे कि नदी के किनारे खड़ा होना भी मुश्किल होता था। गंदगी और प्रदूषण के कारण नदी का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हुआ और जलीय जीव भी लगभग खत्म हो गए। नदी को बचाने के लिए स्थानीय लोग पहले 90 किलोमीटर लंबी पदयात्रा भी कर चुके थे। इसके बावजूद नदी की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
26 जनवरी को बिट्टू ने लिया संकल्प
इसी स्थिति को बदलने के लिए 20 वर्षीय बिट्टू ने इस साल 26 जनवरी को अजनार नदी को फिर से साफ और उसके पुराने स्वरूप में लाने का संकल्प लिया। शुरुआत में कुछ दोस्त भी उनके साथ सफाई अभियान में शामिल हुए, लेकिन काम कठिन और थकाऊ होने के कारण धीरे-धीरे वे पीछे हट गए।
इसके बाद बिट्टू ने अकेले ही अपना अभियान जारी रखा। वह रोज सुबह नदी में उतरते और घंटों पानी के भीतर रहकर हाथों से कचरा निकालते थे। लगातार करीब तीन महीने तक मेहनत करने के बाद नदी की तस्वीर बदलने लगी। जहां पहले कचरा जमा था, वहां अब साफ पानी दिखाई देने लगा।
जेसीबी का खर्च भी खुद उठाया
बिट्टू ने केवल शारीरिक मेहनत ही नहीं की, बल्कि नदी की सफाई के लिए अपनी जेब से पैसे भी खर्च किए। नदी के गहरे हिस्सों में जमा भारी कचरे को निकालना हाथ से संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपने खर्च पर जेसीबी मशीन लगवाई और सफाई का काम आगे बढ़ाया।
उनके इस प्रयास की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं। बिट्टू ने नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें शेयर कीं, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया और यह पहल वायरल हो गई।
आनंद महिंद्रा ने भी की तारीफ
बिट्टू के अभियान की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंची तो उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनकी पहल की सराहना की। उन्होंने बिट्टू के प्रयास को सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल का उदाहरण बताया और ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित किए जाने की बात कही।
अब मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बिट्टू की नदी सफाई की पहल को एक और पहचान मिली है। अजनार नदी की सफाई की यह कहानी बताती है कि किसी बड़े बदलाव की शुरुआत हमेशा बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से नहीं होती। कभी-कभी एक व्यक्ति का लगातार किया गया प्रयास भी लोगों का ध्यान खींच सकता है और दूसरों को आगे आने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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