‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष समारोह में CM मोहन चरण मांझी और कानून मंत्री उपस्थित
Odisha ओड़िया। साहित्य और संस्कृति विभाग द्वारा रवींद्र मंडप में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाग लिया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत के गौरवशाली इतिहास, देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ आज भी हर भारतीय के मन में देशभक्ति और एकता की भावना को जगाता है। उन्होंने बताया कि इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक क्रांतिकारियों को प्रेरित किया और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों को समझें और देश की सेवा में हमेशा तत्पर रहें।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्कि देशभक्ति और बलिदान की प्रतिमूर्ति है। उन्होंने कहा कि इस गीत की पंक्तियाँ हर भारतीय के हृदय में स्वाभिमान, एकता और सामूहिक शक्ति की भावना पैदा करती हैं। मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों और विद्यार्थियों से कहा कि वे इस महान राष्ट्रीय धरोहर को संजोकर रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी महत्ता पहुँचाएँ। इस अवसर पर ओड़िशा के विभिन्न जिलों से आए छात्रों, साहित्यकारों और कलाकारों ने ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत की महत्ता और उसके ऐतिहासिक योगदान को दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने मंच पर गीत प्रस्तुत कर देशभक्ति के भाव को ऊँचा किया।
ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य में राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों और विद्यार्थियों ने देशभक्ति के गीत गाकर कार्यक्रम को भावपूर्ण बनाया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी, विद्वान, साहित्यकार और समाजसेवी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ गीत नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकता और स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाने वाला प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री और कानून मंत्री द्वारा सभी उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय गीत के महत्व और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए किया गया।