Agartala अगरतला। त्रिपुरा के महान शासक महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की 118वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को राज्य में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजधानी अगरतला स्थित रवींद्र शताब्दी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री माणिक साहा सहित कई प्रमुख नेताओं ने महाराजा को पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री माणिक साहा, भाजपा त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय और मंत्री संताना चकमा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी नेताओं ने महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर त्रिपुरा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्हें आधुनिक त्रिपुरा के निर्माण और विकास की नींव रखने वाले दूरदर्शी शासकों में गिना जाता है। उनके शासनकाल में शिक्षा, प्रशासन, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने महाराजा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने त्रिपुरा के विकास के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए। उनके प्रयासों ने राज्य को आधुनिक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने महाराजा बीर बिक्रम के योगदान को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और लोगों के हितों के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर का जन्म 19 अगस्त 1908 को हुआ था। वह माणिक्य राजवंश के अंतिम शासकों में से एक थे। उनके शासनकाल में त्रिपुरा में कई आधुनिक व्यवस्थाओं की शुरुआत हुई। उन्हें विशेष रूप से अगरतला शहर के विकास और आधुनिक नियोजन के लिए जाना जाता है। उनके समय में शिक्षा संस्थानों, सड़कों और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए गए।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि महाराजा बीर बिक्रम की सोच और दूरदृष्टि आज भी राज्य के विकास के लिए प्रेरणा देती है। उन्होंने त्रिपुरा की संस्कृति और पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयंती कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार और भाजपा नेताओं ने महाराजा के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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