प्रयागराज/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रयागराज में शनिवार सुबह आठ बजे तक दोनों प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना रहा। प्रशासन ने जिले के सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज के नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 81.02 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में इसमें 46 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.90 मीटर रहा, जो पिछले 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर नीचे आया है। छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.57 मीटर दर्ज किया गया, इसमें 24 घंटे के दौरान 44 सेंटीमीटर की कमी आई है।
बक्सी बांध स्थित एसटीपी के पास भी जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। यहां जलस्तर 81.18 मीटर रहा, जो पिछले 24 घंटे में 51 सेंटीमीटर नीचे आया है। प्रयागराज जिले में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। मौजूदा स्थिति में दोनों नदियों का जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे है।
शनिवार को जिले के किसी भी प्रमुख केंद्र पर बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश नहीं होने और जलस्तर में लगातार कमी से प्रशासन ने फिलहाल राहत की स्थिति बताई है। हालांकि, संभावित बदलाव को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जलस्तर की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, वाराणसी में भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का सिलसिला जारी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के राजघाट केंद्र पर गंगा का जलस्तर पिछले 12 घंटे में पांच सेंटीमीटर घटकर 69.28 मीटर पर पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार यहां हर दो घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की जा रही है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिलहाल चेतावनी के निशान से नीचे बना हुआ है, हालांकि नदी में नाव संचालन अभी भी निलंबित है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रयागराज और वाराणसी दोनों जगह जलस्तर में कमी को देखते हुए बाढ़ का तत्काल खतरा कम हुआ है, लेकिन अधिकारियों ने निगरानी जारी रखने की बात कही है।